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Top News : समय रैना–रणवीर अलाहबादिया केस पर SC सख्त! एडल्ट कंटेंट पर 4 हफ्ते में नए नियम बनाने का आदेश

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एडल्ट और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट पर अपलोड होने वाले अश्लील या हानिकारक कंटेंट के लिए “किसी न किसी को तो जिम्मेदारी लेनी ही होगी।” इसके साथ ही केंद्र सरकार को 4 हफ्ते में नया रेगुलेशन तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

केंद्र से कहा— SC/ST एक्ट जितने सख्त हों कानून
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बनाए जाने वाले नए नियम इतने सख्त होने चाहिए कि उनका दुरुपयोग रोका जा सके, बिल्कुल SC/ST एक्ट की तरह।मामला सबसे ज्यादा चर्चा में समय रैना और रणवीर अलाहबादिया के विवादित शो Indias Got Latent से जुड़ा है, जिसने कई राज्यों में FIR तक दर्ज करवा दी थी।

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चैनल बनाकर कुछ भी अपलोड
अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि मामला सिर्फ अश्लीलता का नहीं बल्कि “गलत उपयोग” का है। इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा—“अगर कोई अपना चैनल बनाकर कुछ भी अपलोड करे और किसी के प्रति जवाबदेह न हो— यह सबसे बड़ी समस्या है। जवाबदेही तय करनी ही होगी।”

एडल्ट कंटेंट पर 2 सेकंड की अनिवार्य चेतावनी का सुझाव
जस्टिस बागची ने कहा कि किसी भी विवादित या एडल्ट कंटेंट से पहले स्पष्ट और प्रभावी चेतावनी होना जरूरी है।CJI ने इसका समर्थन करते हुए कहा—“एक लाइन की चेतावनी से कुछ नहीं होता। हमारी सलाह है कि कम से कम 2 सेकंड की वॉर्निंग हो, और आवश्यकता पड़े तो Aadhaar-based age verification भी की जा सकती है।”उन्होंने साफ किया कि यह सिर्फ सुझाव है; अंतिम नियम सरकार बनाएगी।

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क्या है विवाद?
Indias Got Latent एक स्टैंडअप शो है, जिसमें बोल्ड कंटेंट और कथित तौर पर पेरेंट्स व महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।

  • फरवरी में शो रिलीज हुआ
  • कई राज्यों में FIR दर्ज
  • रणवीर अलाहबादिया ने FIR रद्द करने के लिए याचिका लगाई
  • सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली

कोर्ट का कड़ा संदेश
इस बाबत सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में प्लेटफॉर्म्स और क्रिएटर्स को पूरी आजादी नहीं दी जा सकती। नियम और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।

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