निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में सोमवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने अचानक जज की डायस पर भ्रूण रख दिया, जिससे कोर्ट रूम में अफरा-तफरी मच गई।यह घटना जस्टिस हिमांशु जोशी की कोर्ट में हुई, जहां मौजूद वकील और अन्य लोग इस दृश्य को देखकर सन्न रह गए।
“मेरा बच्चा मर चुका है, अब मेरी बारी है”
जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की सुनवाई के सिलसिले में कोर्ट में मौजूद था। उसी दौरान उसने अपने साथ लाया भ्रूण जज की डायस पर रख दिया।
उसने भावुक होकर कहा, “साहब मेरा बच्चा मर चुका है, अब मेरी बारी है।” इस पर जस्टिस हिमांशु जोशी ने उसे शांत रहने को कहा और भरोसा दिलाया कि उसे न्याय मिलेगा।घटना के बाद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत युवक को हिरासत में ले लिया।
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करोड़ों के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला
दयाशंकर पांडे ने अपनी याचिका में दावा किया है कि वह वर्ष 2018 से 2025 तक जबलपुर के एक संस्थान में कार्यरत था। इसी दौरान उसे सोशल सेक्टर से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपए के कामों में कथित गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
उसके अनुसार उसने वर्ष 2024 में इस मामले की शिकायत की थी, जिसके बाद से उसे और उसके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा है।
हादसे में हुआ पत्नी का गर्भपात
याचिकाकर्ता का आरोप है कि तीन दिन पहले उसकी गर्भवती पत्नी को एक कार ने टक्कर मार दी। उस समय वह अपनी आठ महीने की गर्भवती पत्नी और छह साल के बेटे के साथ कोर्ट जा रहा था।
इस दुर्घटना में उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई और गर्भपात हो गया। इसके बाद वह उसी भ्रूण को लेकर कोर्ट पहुंच गया।
राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग
दयाशंकर पांडे का कहना है कि उसे पिछले चार वर्षों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। वह इन घटनाओं से परेशान होकर सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगा चुका है।
उसने यह भी दावा किया कि उसने राष्ट्रपति को इच्छामृत्यु के लिए आवेदन दिया है। फिलहाल उसने कोर्ट से अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।











