जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्टेट जीएसटी विभाग ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोहा और सीमेंट के कारोबार से जुड़े तीन प्रमुख व्यापारियों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की जीएसटी राशि वसूल की है। इस कार्रवाई के बाद व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
तीन बड़ी फर्मों के दफ्तरों और गोदामों पर एक साथ छापा
स्टेट जीएसटी की टीम ने अनिल ट्रेडिंग कॉरपोरेशन, बीएमडब्ल्यू व्यापार प्राइवेट लिमिटेड और दादा ट्रेडर्स के ऑफिस और गोदामों पर एक साथ दबिश दी। विभाग को इन फर्मों के खिलाफ लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर पूरी रणनीति के साथ यह कार्रवाई की गई।
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फर्जी बिलिंग और गलत ITC की आशंका
जांच एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि संबंधित कंपनियां फर्जी बिलिंग, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम और बिना घोषित स्टॉक के जरिए जीएसटी की चोरी कर रही हैं। छापेमारी के दौरान विभाग ने बिक्री-खरीद से जुड़े दस्तावेज, बिल बुक, अकाउंट स्टेटमेंट और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
जांच में मिली अनियमितताएं, मौके पर वसूली
स्टेट जीएसटी अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिकॉर्ड के मिलान में टैक्स भुगतान और वास्तविक कारोबार में बड़ा अंतर पाया गया। इन्हीं अनियमितताओं के आधार पर व्यापारियों से तत्काल 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की गई। विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे टैक्स देनदारी बढ़ सकती है।
रिकॉर्ड की गहन जांच जारी
जीएसटी विभाग ने जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो संबंधित फर्मों पर अतिरिक्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कर चोरी पर नहीं मिलेगी कोई राहत
स्टेट जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य ईमानदार व्यापारियों को संरक्षण देना और राजस्व नुकसान को रोकना है।













