Interlocutor appointment : दार्जिलिंग : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दार्जिलिंग में एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी को बतौर इंटरलोक्यूटर नियुक्त करने के फैसले का विरोध जताया है। उन्होंने इसे अवैधानिक, मनमाना और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
Interlocutor appointment : ममता बनर्जी का कहना है कि दार्जिलिंग क्षेत्र पश्चिम बंगाल का अविभाज्य और अभिन्न हिस्सा है, और वहां किसी इंटरलोक्यूटर की नियुक्ति राज्य सरकार की सहमति या परामर्श के बिना नहीं की जा सकती। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह कदम गोरखा क्षेत्रीय प्रशासन अधिनियम, 2011 और भारतीय संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है।
Interlocutor appointment : मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि 10 नवंबर 2025 को गृह मंत्रालय ने बिना किसी प्रतिक्रिया के इंटरलोक्यूटर के कार्यालय को काम शुरू करने का आदेश जारी किया, जो एकतरफा और शॉकिंग निर्णय है। उनका दावा है कि यह संघीय ढांचे और राज्य-संघ संबंधों पर हमला है क्योंकि दार्जिलिंग क्षेत्र से संबंधित मामलों का अधिकार पूरी तरह से राज्य सरकार के पास है।
ममता बनर्जी ने केंद्र से इस निर्णय को तुरंत वापस लेने और भविष्य में राज्यों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करने की मांग की है।
यह मामला केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक अधिकारों, संघीय ढांचे और प्रशासनिक शक्तियों के दायरे पर एक नया राजनीतिक तनाव पैदा कर सकता है।













