Instagram Security : नई दिल्ली : भारत में किशोर यूज़र्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। Meta द्वारा किए गए इन अपडेट्स का मकसद है टीनएज यूज़र्स को संदिग्ध और असहज ऑनलाइन अनुभवों से बचाना।
अब डायरेक्ट मैसेज पर दो नए सेफ्टी फीचर्स
इंस्टाग्राम ने टीनएज यूज़र्स के लिए डायरेक्ट मैसेजिंग (DM) अनुभव को पहले से ज़्यादा सुरक्षित बनाया है। यदि कोई किशोर किसी अनजान व्यक्ति से चैट शुरू करता है, भले ही दोनों एक-दूसरे को फॉलो कर रहे हों, इंस्टाग्राम अब एक सुरक्षा अलर्ट दिखाएगा। यह टिप किशोर को सतर्क करेगी और सलाह देगी कि सामने वाले की प्रोफाइल की जांच करें और किसी भी संदिग्ध हरकत पर सतर्क रहें।
अब दिखेगा अकाउंट की क्रिएशन डेट
एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब इंस्टाग्राम चैट बॉक्स के ऊपर सामने वाले यूज़र का अकाउंट कब बनाया गया था – उसका महीना और साल – दिखाया जाएगा। इससे किशोर नकली या हाल ही में बने धोखेबाज़ अकाउंट्स की पहचान कर सकेंगे।
“ब्लॉक और रिपोर्ट” अब एक साथ
Meta ने यूज़र्स को सुविधा दी है कि वे अब किसी भी अकाउंट को एक ही स्टेप में ब्लॉक और रिपोर्ट कर सकते हैं। पहले इन दोनों क्रियाओं को अलग-अलग करना पड़ता था, जिससे रिपोर्टिंग की प्रक्रिया धीमी और जटिल बनती थी। इस नई सुविधा से किशोर यूज़र्स को असहज बातचीत से जल्दी बाहर निकलने में मदद मिलेगी।
बच्चों के अकाउंट पर अब डिफ़ॉल्ट सेफ्टी सेटिंग्स लागू
Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों के अकाउंट उनके माता-पिता या मैनेजर्स द्वारा संचालित किए जा रहे हैं (13 वर्ष से कम आयु के बच्चों के), उन पर डिफ़ॉल्ट रूप से सबसे सख्त सुरक्षा सेटिंग्स लागू होंगी। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
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मैसेज कंट्रोल पर अधिक नियंत्रण
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अपमानजनक या गाली-गलौज वाले शब्दों के लिए “Hidden Words” फ़िल्टर
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इंस्टाग्राम फीड के टॉप पर सुरक्षा अलर्ट की सुविधा
यदि कोई बच्चा स्वयं अकाउंट चला रहा पाया गया तो वह अकाउंट हटा दिया जाएगा। यह कदम बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है।
भारत के किशोरों के लिए विशेष ध्यान
भारत इंस्टाग्राम के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है। यही कारण है कि Meta ने यहां के यूज़र्स के लिए यह विशेष सुरक्षा सुविधाएं लागू की हैं। इंस्टाग्राम पर युवाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ, यह बदलाव न सिर्फ़ किशोरों बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी एक राहत की खबर है।
इन सभी उपायों का उद्देश्य यही है कि भारत के परिवारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदार अनुभव प्रदान किया जा सके।













