Indore MIG Murder Case : इंदौर। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालक के अपहरण और फिर बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस ने कठोर कार्रवाई की है। इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी रेहान का साथ देने और साक्ष्यों को नष्ट करने के आरोप में पुलिस ने उसके पिता, मां और ताऊ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इन परिजनों ने न केवल आरोपी को संरक्षण दिया, बल्कि मासूम के शव को ठिकाने लगाने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
परिजनों ने की थी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी रेहान ने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी थी। कानून के हवाले करने के बजाय उसके पिता अब्दुल शाकिर, मां शहजादी और ताऊ अब्दुल रहमान ने मिलकर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की। आरोपियों ने मिलकर शव को ऐसी जगह छिपाने का प्रयास किया जिससे पुलिस उन तक न पहुँच सके। प्रारंभिक पूछताछ में इन लोगों ने पुलिस को लगातार गुमराह किया और जांच की दिशा भटकाने की कोशिश की।
डीसीपी कुमार प्रतीक का बयान मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी कुमार प्रतीक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के साक्ष्य मिटाने और अपराधी की मदद करने की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को संरक्षण देना भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना कि स्वयं अपराध करना। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरी साजिश में क्या परिवार के अलावा भी कोई अन्य व्यक्ति शामिल था।
क्षेत्र में तनाव, पुलिस अलर्ट मासूम बालक की हत्या के बाद से ही क्षेत्र में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर ली है। एमआईजी थाना पुलिस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों का रिमांड भी ले सकती है ताकि हत्या के पीछे की मुख्य वजह और साजिश की परतें पूरी तरह खुल सकें।













