इंदौर/महू : इंदौर जिले के महू के पास हरसोला जंगल में एक मादा तेंदुआ शिकारियों के फंदे में फंसी मिली। वन विभाग और रालामंडल की रेस्क्यू टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित चिड़िया घर ले आए। मादा तेंदुए की उम्र लगभग 5 से 6 साल बताई जा रही है।
घायल पंजे की सर्जरी
मादा तेंदुए का पैर का पंजा गंभीर रूप से घायल था, जिसे डॉक्टरों ने सर्जरी कर उपचार किया। पंजा काटना पड़ा, जिससे अब यह तेंदुआ तीन पंजों पर चलने लगी।
चिड़िया घर की चुनौती
चिड़िया घर प्रबंधन ने वन विभाग से कई बार मौखिक और लिखित अनुरोध किया कि मादा तेंदुए को भोपाल के रेस्क्यू सेंटर या वन विभाग के किसी अन्य सुरक्षित स्थल पर भेजा जाए। लेकिन वन विभाग ने जगह नहीं होने का हवाला देते हुए इसे लेने में आनाकानी की। चिड़िया घर प्रबंधन ने कहा कि उनके पास तेंदुए को लंबे समय तक रखने की सुविधा नहीं है।
वन्यजीव सुरक्षा में समस्या
मादा तेंदुए की सुरक्षा और उचित देखभाल अब चुनौतीपूर्ण हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि घायल तेंदुए को विशेष देखभाल और पर्याप्त जगह की आवश्यकता है, ताकि वह जल्द स्वस्थ होकर जंगल में लौट सके।
आगे की कार्रवाई
वन विभाग और चिड़िया घर प्रबंधन के बीच मादा तेंदुए की सुरक्षित जगह पर ट्रांसफर को लेकर बातचीत जारी है। विशेषज्ञों ने चेताया कि जल्दी उचित व्यवस्था न होने पर वन्यजीव की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।











