Indore High Court Chinese Manjha : इंदौर। चाइनीज मांझे से हो रही लगातार मौतों और बढ़ते हादसों पर इंदौर हाई कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए साफ कर दिया है कि अब इस जानलेवा धागे की बिक्री और उपयोग को महज एक उल्लंघन नहीं, बल्कि गंभीर अपराध माना जाएगा। हाई कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि चाइनीज मांझे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
BNS की धारा 106 (1) के तहत होगी कार्रवाई: इंदौर में अब तक चाइनीज मांझे की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इन घटनाओं को देखते हुए कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि इस प्रतिबंधित मांझे से किसी की जान जाती है, तो दोषियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (1) के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह प्रावधान सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही से हुई मौत से संबंधित है, जिसमें सजा का सख्त प्रावधान है।
नाबालिगों के माता-पिता भी होंगे जिम्मेदार: कोर्ट ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई नाबालिग बच्चा चाइनीज मांझे का उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके अभिभावकों (माता-पिता) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट का मानना है कि बच्चों की गतिविधियों और उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री के प्रति अभिभावकों को जवाबदेह होना चाहिए।
खुलेआम बिक्री पर प्रशासन को फटकार: शहर के कई इलाकों में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहे चाइनीज मांझे पर कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बेगुनाह पक्षियों की जान को जोखिम में डालने वाले इस अवैध कारोबार को तत्काल जड़ से खत्म किया जाए। हाई कोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद अब इंदौर पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर सर्चिंग और धरपकड़ अभियान चलाने की उम्मीद है।











