M.P News : असलम चमड़ा मामले पर प्रियंक कानूनगो का बड़ा खुलासा, कहा -6 महीने पहले दी थी सूचना, उठाए पुलिस पर सवाल

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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भोपाल में गोमांस से जुड़े कथित मामले को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि करीब छह महीने पहले ही उन्होंने पुलिस को असलम चमड़ा की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी, लेकिन उस समय इस पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस को दी थी पूरी जानकारी

कानूनगो के मुताबिक, उन्हें सूचना मिली थी कि असलम चमड़ा कथित रूप से करीब 250 बांग्लादेशी रोहिंग्याओं के साथ मिलकर शहर में गोमांस का कारोबार चला रहा है। उन्होंने संबंधित पतों और विवरण के साथ पुलिस को नोटिस भी भेजा था। हालांकि पुलिस ने जवाब में कहा कि असलम किसी कसाईखाने का संचालन नहीं करता और यह मामला नगर निगम के दायरे में आता है।

सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा

इस पूरे मामले को लेकर कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी बात साझा की है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी उन्हें भोपाल के बजाय दिल्ली के एक युवक से मिली थी, जिसने उनसे संपर्क कर कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी दी थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया, लेकिन केवल बयान लेकर मामला बंद कर दिया गया।

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नगर निगम की भूमिका पर सवाल

कानूनगो ने नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि इस तरह की गतिविधियां नगर निगम के अंतर्गत आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

प्लांट और ठेकों का जिक्र

उन्होंने यह भी दावा किया कि असलम चमड़ा के पास स्लॉटर हाउस के अलावा कारकस प्लांट और रेंडरिंग प्लांट का ठेका भी है। उनके अनुसार, इन व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे मामला और गंभीर हो जाता है।

सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर

अपने संबोधन में कानूनगो ने समाज की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग पशुओं को आवारा छोड़ देते हैं, जो बाद में सिस्टम का हिस्सा बन जाते हैं। यह केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी मुद्दा है।

जांच और जवाबदेही की मांग

अंत में उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सभी पक्षों को आत्ममंथन करने की जरूरत है और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।

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