MP Bus Service: भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की दोबारा शुरुआत हो गई है। भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हरी झंडी दिखाकर 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों के संचालन की शुरुआत की। नई बस सेवा का उद्देश्य शहरों को गांवों और कस्बों से जोड़ना तथा प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत किया। कार्यक्रम में राव उदय प्रताप सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे।
2005 में बंद हुई थी राज्य परिवहन की बसें
मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन निगम की बस सेवा वर्ष 2005 में बंद कर दी गई थी। इसके बाद प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मुख्य रूप से निजी बस ऑपरेटरों पर निर्भर रही। अब 21 साल बाद सरकार ने दोबारा सरकारी बस सेवा शुरू की है।
Read More: MP News: सड़क देखने पहुंचीं महापौर तो खुद फंस गईं कीचड़ में, 2 किमी पैदल चलकर पहुंचीं धरना स्थल
सरकार का कहना है कि नई परिवहन व्यवस्था के जरिए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों को प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा। सरकार ने प्रदेश की करीब 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
इंदौर के लिए सबसे ज्यादा 145 बसें
पहले चरण में शुरू की गई 351 बसों में सबसे ज्यादा 145 बसें इंदौर के लिए रखी गई हैं। इसके बाद जबलपुर के लिए 67 बसें संचालित होंगी। भोपाल में स्थानीय आवागमन के लिए 106 बसें चलाने की योजना है।
इसके अलावा रीवा के लिए 18, देवास के लिए 10, कटनी के लिए 3 और भिंड के लिए 2 बसें निर्धारित की गई हैं। इस तरह पहले चरण में सात शहरों को बस सेवा से जोड़ा गया है।सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार किराया करीब 2 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से निर्धारित किया गया है। इस आधार पर भोपाल से इंदौर की करीब 190 किलोमीटर दूरी का किराया लगभग 380 रुपये, जबलपुर की 327 किलोमीटर दूरी का किराया करीब 654 रुपये और रीवा की करीब 498 किलोमीटर दूरी का किराया लगभग 996 रुपये हो सकता है।
इसी तरह भोपाल से देवास की करीब 142 किलोमीटर दूरी के लिए लगभग 284 रुपये, कटनी की 387 किलोमीटर दूरी के लिए करीब 774 रुपये और भिंड की 469 किलोमीटर दूरी के लिए करीब 938 रुपये किराया निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। भोपाल के स्थानीय रूटों पर किराया दूरी के अनुसार तय किया जाएगा।
पहले साल 1500, 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
सरकार ने सरकारी बस सेवा को सिर्फ 351 बसों तक सीमित नहीं रखने की योजना बनाई है। पहले साल में करीब 1,500 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी और 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने की योजना है।
बसों का संचालन PPP मॉडल यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत किया जाएगा। इसमें निजी ऑपरेटर भी सरकारी परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इस मॉडल के जरिए अधिक से अधिक शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन सुविधा पहुंचाई जा सके।
Read More: MP News: टीकमगढ़ में भाईचारे की मिसाल! ग्यारहवीं शरीफ के जुलूस में गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’
गांवों से शहरों तक आसान होगा सफर
नई बस सेवा के जरिए उन ग्रामीण और छोटे कस्बाई इलाकों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है, जहां नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है। सरकार का कहना है कि बेहतर बस कनेक्टिविटी से लोगों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बाजार और रोजगार के लिए शहरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कें बन चुकी हैं, जिससे गांवों और कस्बों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। अब सार्वजनिक परिवहन के विस्तार के जरिए इन सड़कों का लाभ लोगों तक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और चुनाव में जनता ही अपना निर्णय देती है।अब नई सरकारी बस सेवा के विस्तार के साथ सबसे बड़ी चुनौती नियमित संचालन, ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, समयबद्ध सेवा और यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने की होगी। सरकार की 2031 तक 15 हजार बसें चलाने की योजना इसी नेटवर्क को बड़े स्तर पर विस्तार देने की दिशा में है।







[…] MP Bus Service: 21 साल बाद MP की सड़कों पर फिर दौड़ी… […]