इंदौर अग्निकांड : CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश, EV हादसे को बताया नई चुनौती

Rahul Goshwami
CM Mohan Yadav

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  मध्य प्रदेश के इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग से हुई यह दुर्घटना एक नई चुनौती के रूप में सामने आई है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

EV हादसे को लेकर सरकार सतर्क

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की संपूर्ण और व्यवस्थित जांच की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों और जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

डिजिटल लॉक पर भी उठे सवाल

सीएम मोहन यादव ने अपने बयान में डिजिटल लॉक सिस्टम का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी जरूरत है, लेकिन इसके साथ सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी है।इंदौर हादसे में डिजिटल लॉक के कारण लोगों के बाहर न निकल पाने की बात सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है।

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कैसे हुआ दर्दनाक हादसा

यह हादसा बंगाली चौराहे के पास बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के करीब 4 बजे हुआ।जानकारी के मुताबिक, रबर कारोबारी मनोज पुगालिया के घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्ज हो रही थी। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जो देखते ही देखते पूरे घर में फैल गई।घर में रखे गैस सिलेंडरों ने आग को और भयानक बना दिया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

8 लोगों की मौत, कई घायल

इस भीषण हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।बताया जा रहा है कि बिहार के किशनगंज से आए 6 रिश्तेदार भी इस हादसे का शिकार हो गए।

CM ने जताया शोक

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

मंत्रियों ने किया घटनास्थल का दौरा

घटना के बाद कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।इंदौर का यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ती EV टेक्नोलॉजी और सुरक्षा मानकों के बीच संतुलन की जरूरत को उजागर करता है।

अब देखना होगा कि सरकार इस घटना के बाद कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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