Singrauli News: सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा खुले बोरवेल, कुओं और नलकूपों को सुरक्षित करने के लिए जारी किए गए सख्त निर्देश सिंगरौली जिले के माड़ा क्षेत्र में केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। सरकार की स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद ग्राम पोड़ी पाठ में खेतों के बीच स्थित एक खुला और असुरक्षित कुआं आज भी ग्रामीणों और मासूम बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
प्रदेश में बोरवेल हादसों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि खुले और अनुपयोगी बोरवेल, कुओं तथा नलकूपों को तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही उपयोग में आने वाले कुओं के चारों ओर सुरक्षा दीवार या मजबूत घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।लेकिन माड़ा क्षेत्र के पोड़ी पाठ गांव में इन निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा। यहां स्थित खुला कुआं बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के लंबे समय से खुला पड़ा है।
हर दिन मौत के साये में गुजरते हैं ग्रामीण
Singrauli News: ग्रामीणों के अनुसार यह कुआं खेतों के बिल्कुल पास स्थित है, जहां से रोजाना किसान, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे गुजरते हैं। खेतों में काम करने वाले लोगों का इसी रास्ते से आना-जाना होता है। बरसात के मौसम में झाड़ियां और पानी भर जाने से कुआं साफ दिखाई भी नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो किसी भी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप- शिकायत करने पर डांटकर भगा देते हैं
गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार इस समस्या की जानकारी सरपंच, पंचायत सचिव और पटवारी सहित संबंधित अधिकारियों को दी, लेकिन किसी ने भी इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई।
Singrauli News: ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान करने के बजाय शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों को डांटकर वापस भेज दिया जाता है। इससे लोगों में प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
सरकारी आदेशों की उड़ रही धज्जियां
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रदेश सरकार खुले बोरवेल और कुओं को लेकर लगातार सख्त निर्देश जारी कर रही है, तब स्थानीय स्तर पर इन आदेशों का पालन क्यों नहीं कराया जा रहा? यदि सरकार की गाइडलाइन का समय पर पालन होता तो इस तरह के खुले कुएं लोगों की जान के लिए खतरा नहीं बने रहते।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण कभी भी कोई मासूम या ग्रामीण इस कुएं में गिर सकता है और फिर प्रशासन केवल जांच और कार्रवाई की बात करता रह जाएगा।
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जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
Singrauli News: ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर खुले कुएं को सुरक्षित कराया जाए। साथ ही सरकार के आदेशों की अनदेखी करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।क्षेत्रवासियों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पहले ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी परिवार को अपूरणीय क्षति न उठानी पड़े।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें
अब पूरे मामले में ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि शासन के निर्देशों के अनुरूप खुले कुएं को जल्द सुरक्षित कराया जाएगा और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।




