Strict Action by Korba Collector Kunal Dudawat: (विशेष संवाददाता — कोरबा)। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में समीक्षा बैठकों के दौरान विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में पाई गई गंभीर कमियों के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और समाज कल्याण विभाग के उप संचालक का वेतन रोकने (Salary Hold) का कड़ा निर्देश जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग में विद्यार्थियों को दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों की स्कैनिंग कार्य में घोर लापरवाही पाई गई थी। कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रगति असंतोषजनक रहने पर कलेक्टर ने डीईओ और संबंधित बीईओ का वेतन रोकने के आदेश दिए। वहीं दूसरी ओर, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम में अपेक्षित रुचि न दिखाने और कार्यों में सुस्ती बरतने के कारण विभाग के उप संचालक पर यह गाज गिरी है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक हलके और शासकीय महकमों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं, विभागीय दायित्वों और शासन की प्राथमिकताओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
| अधिकारी / पद | विभाग | कार्रवाई का मुख्य कारण |
| जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) | शिक्षा विभाग | पाठ्य पुस्तकों की स्कैनिंग कार्य में घोर लापरवाही व धीमी प्रगति। |
| विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) | शिक्षा विभाग | मैदानी स्तर पर पाठ्य पुस्तक स्कैनिंग की मॉनिटरिंग में सुस्ती। |
| उप संचालक | समाज कल्याण विभाग | नशा मुक्ति अभियान में अपेक्षित रुचि और गंभीरता न दिखाना। |
| प्रशासनिक आदेश | जिला कलेक्टर, कोरबा | संबंधित अधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश जारी। |




