निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के इंदौर में सामने आए करोड़ों रुपये की फिरौती के मामलों ने अब संगठित अपराध की ओर इशारा करना शुरू कर दिया है। क्राइम ब्रांच को शक है कि इन मामलों के तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हो सकते हैं।
राजपाल को प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाया गया
जांच के तहत पुलिस ने हैरी बॉक्सर के करीबी माने जाने वाले आरोपी राजपाल को खरगोन से प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाया है। उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और गैंग की भूमिका को समझने की कोशिश की जा रही है।
15 करोड़ की फिरौती से मचा हड़कंप
हाल ही में इंदौर में दो अलग-अलग मामलों में भारी-भरकम फिरौती मांगी गई थी। एक मामले में दो व्यापारिक पार्टनरों से 10 करोड़ रुपये और दूसरे में एक उद्योगपति से 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इन घटनाओं ने व्यापारिक जगत में चिंता बढ़ा दी है।
VPN कॉल्स से जांच हुई जटिल
फिरौती की कॉल्स वीपीएन के जरिए की गई थीं, जिससे आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया। यही कारण है कि जांच एजेंसियां अब तकनीकी और नेटवर्क स्तर पर गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
खरगोन कनेक्शन ने बढ़ाया शक
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इसी तरह का मामला खरगोन जिले में भी दर्ज हुआ था। दोनों घटनाओं की समानता ने क्राइम ब्रांच के शक को और मजबूत कर दिया है कि इसके पीछे एक संगठित गैंग सक्रिय है।
मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश
फिलहाल पुलिस राजपाल से पूछताछ कर यह जानने में जुटी है कि इन कॉल्स के पीछे कौन लोग शामिल हैं और पूरे ऑपरेशन का मास्टरमाइंड कौन है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ती गैंग एक्टिविटी से सुरक्षा पर सवाल
मध्यप्रदेश में बाहरी गैंग्स की बढ़ती सक्रियता कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई और इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करना जरूरी है।











