इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र से एक बार फिर दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़कर 27 हो गया है।
लंबे समय से बीमार थीं बुजुर्ग महिला
भागीरथपुरा निवासी शिवनारायण के अनुसार उनकी मां विद्या बाई पिछले करीब दो सप्ताह से उल्टी और दस्त की समस्या से जूझ रही थीं। शुरुआत में घर पर ही इलाज कराया गया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। लगातार कमजोरी और डिहाइड्रेशन के चलते उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
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बाथरूम में गिरने से हालत और बिगड़ी
मंगलवार को बाथरूम जाते समय विद्या बाई का संतुलन बिगड़ गया और वे गिर पड़ीं। इस हादसे में उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
दूषित पानी को बताया गया मौत की वजह
परिजनों का दावा है कि विद्या बाई की तबीयत दूषित पानी पीने के कारण बिगड़ी थी। क्षेत्र में लंबे समय से गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
महू में भी सामने आए नए मामले
इंदौर के बाद महू क्षेत्र में भी दूषित पानी का असर देखने को मिला है। यहां गंदा पानी पीने से 22 लोग बीमार पड़ गए हैं। सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट
महू में मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। प्रभावित इलाकों में पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही मौतों और बीमारियों ने इंदौर की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग जल्द से जल्द स्वच्छ पानी की आपूर्ति और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













