नई दिल्ली : इंडिगो क्राइसिस के चलते 6 दिसंबर 2025 की फ्लाइट टिकटों में अप्रत्याशित उछाल देखने को मिल रहा है। मेकमायट्रिप (MMT) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख रूट्स—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और हैदराबाद—पर किराया सामान्य दिनों की तुलना में पांच से दस गुना तक महंगा हो चुका है।
IATA की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, ये रूट आने वाले समय में भारत के सबसे व्यस्त घरेलू हवाई मार्ग बनेंगे।
दिल्ली–मुंबई का किराया सामान्य 6 हजार से बढ़कर 48,972 रुपये
दिल्ली से मुंबई के बीच एकतरफा टिकट 25,161 रुपये से शुरू होकर टैक्स जोड़ने के बाद 48,972 रुपये प्रति यात्री तक जा पहुंचा है।6 दिसंबर को केवल एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट ही उड़ानें संचालित कर रही हैं।आम दिनों में यह किराया लगभग 6,000–6,200 रुपये होता है।
मुंबई–दिल्ली टिकट 46,800 रुपये तक, सीमित उड़ानें जारी
मुंबई से दिल्ली के लिए टिकट 23,589 से 46,800 रुपये तक बिक रहा है।अगले दो दिनों तक इंडिगो के अधिकांश विमान ग्राउंडेड होने से यात्रियों के पास विकल्प बेहद सीमित हैं।
दिल्ली–कोलकाता रूट भी महंगा, टिकट 23,589 से 46,899 रुपये
केवल तीन एयरलाइंस—एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट—इस रूट पर उड़ानें दे रही हैं।जहां सामान्य दिनों में टिकट 5,700–7,000 रुपये रहता है, वहीं अब दाम लगभग दोगुने-तीन गुने हो चुके हैं।
दिल्ली–बेंगलुरु किराया रिकॉर्ड स्तर पर, 88,469 रुपये तक पहुंचा
दिल्ली से बेंगलुरु उड़ान का किराया अब 80,069–88,469 रुपये प्रति व्यक्ति हो गया है।यह कीमत सामान्य किराए (7,173 रुपये) से लगभग 12 गुना ज्यादा है।
दिल्ली–अंडमान: एकल फ्लाइट का किराया 92,067 रुपये
एयर इंडिया की एकमात्र उपलब्ध उड़ान में 19 घंटे 45 मिनट का लंबा लेओवर है।टिकट की कीमत टैक्स से पहले ही 92,067 रुपये तक पहुंच चुकी है।सामान्य दिनों में यह किराया 12,000–20,000 रुपये होता है।
दिल्ली–हैदराबाद रूट पर भी झटका, किराया 50,628 रुपये
इस मार्ग पर केवल एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान उपलब्ध है।सामान्य दिनों में टिकट 5,500–6,000 रुपये का होता है।
उड़ानों की मार से यात्री रेलवे की शरण में, स्पेशल ट्रेनें चालू
फ्लाइट किराया आसमान छूने के बाद यात्री भारी संख्या में रेलवे की ओर रुख कर रहे हैं।पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए पटना–आनंद विहार रूट पर दो स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है।ये ट्रेनें पूर्णतः इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलेंगी और इन्हें मेल–एक्सप्रेस जैसी प्राथमिकता दी जाएगी।













