Indigo crisis : नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) में जारी परिचालन संकट का मुद्दा आज संसद के शीतकालीन सत्र में ज़ोरदार तरीके से उठाया गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों ने यात्रियों को हो रही परेशानी और बढ़े हुए किराए पर सरकार से जवाब मांगा।
लोकसभा में गोगोई ने उठाया सवाल : लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रश्नकाल समाप्त होने के ठीक बाद यह मुद्दा उठाया। उन्होंने इंडिगो परिचालन में आए व्यवधान के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार को संसद के पटल से यह बताना चाहिए कि विमानन मंत्रालय इस संकट का समाधान करने की दिशा में क्या कदम उठा रहा है।![]()
Indigo crisis : इस पर स्पीकर ओम बिरला ने आश्वस्त किया कि केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देंगे, क्योंकि आज वे लोकसभा में मौजूद नहीं हैं।
राज्यसभा में किराया वृद्धि पर चिंता : विमानन परिचालन में संकट का मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया गया। तमिलनाडु से निर्वाचित एआईएडीएमके सांसद एम. थंबीदुरई ने दिल्ली हवाईअड्डे पर एएमएसएस में खराबी और इंडिगो के परिचालन संकट से उपजे दयनीय हालात पर सरकार के गंभीर प्रयासों की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार ने यात्रियों के किराए लौटाने की बात कही है, तो एअर इंडिया के विमानों में ₹25,000 तक क्यों वसूले गए, और किराए पर अंकुश क्यों नहीं है?
Indigo crisis : केंद्रीय मंत्री ने जताया खेद और दिए आंकड़े: इस चिंता पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने जवाब दिया। उन्होंने सांसदों और आम लोगों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया।
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रद्द टिकट: नायडू ने बताया कि 5,86,705 पीएनआर (यात्री नाम रिकॉर्ड) रद्द कराए गए, जिसका मतलब है कि इतने लोगों को अपनी यात्राएं टालनी पड़ीं।

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रिफंड राशि: इस एवज में ₹569 करोड़ रुपये रिफंड किए जा चुके हैं।
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सख्त कार्रवाई: उन्होंने आश्वस्त किया कि दिशानिर्देशों और नियमों का जहाँ भी उल्लंघन हुआ है, सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है और दोषियों को दंडित किया गया है।
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किराए पर सीमा तय: नायडू ने कहा कि सरकार ने किराये में बढ़ोत्तरी का संज्ञान लेते हुए सीमा तय कर दी है और यात्रियों का उत्पीड़न नहीं हो, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
Indigo crisis : उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस क्षेत्र में और कंपनियों के शामिल होने के पक्षधर है।













