India US Trade Deal : नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर नई स्थिति सामने आई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका द्वारा भारत समेत 16 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद भारत ने व्यापक ट्रेड डील की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। हालांकि भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने इस दावे को अफवाह बताया है और कहा है कि दोनों देश आपसी लाभ वाले व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखे हुए हैं।
India US Trade Deal : रिपोर्ट के मुताबिक यह जांच अमेरिका की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में कथित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और कम कीमत पर निर्यात से जुड़ी है। अमेरिका का आरोप है कि कुछ देश जरूरत से ज्यादा उत्पादन कर उसे सस्ते दाम पर निर्यात करते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है।
India US Trade Deal : बताया जा रहा है कि फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद व्यापार वार्ता की रफ्तार पहले ही धीमी पड़ गई थी। उस फैसले में कुछ टैरिफ रद्द किए गए थे, जिसके बाद अमेरिका को अपनी टैरिफ नीति पर फिर से विचार करना पड़ा। इसके बाद शुरू हुई नई जांच ने बातचीत को और जटिल बना दिया है।
India US Trade Deal : सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत किसी भी समझौते को जल्दबाजी में अंतिम रूप देने के पक्ष में नहीं है। अमेरिका की इस कार्रवाई को दबाव की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे अन्य देशों को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा सके।
India US Trade Deal : दरअसल भारत और अमेरिका के बीच बातचीत एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर आधारित थी। इसके तहत भारत चरणबद्ध तरीके से टैरिफ में राहत और अमेरिकी निर्यात में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा था। साथ ही भारत को भविष्य में टैरिफ दरों को लेकर अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद थी।
India US Trade Deal : अमेरिका की यह जांच सेक्शन 301 कानून के तहत की जा रही है। इस कानून के जरिए अमेरिका उन देशों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है, जिन पर अनुचित व्यापार प्रथाओं का आरोप होता है। जांच के दायरे में स्टील, केमिकल्स, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर जैसे कई सेक्टर शामिल हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो अमेरिका इन देशों पर नए टैरिफ या व्यापार प्रतिबंध भी लगा सकता है।











