India US Trade Agreement : नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक उच्च-स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत का दौरा करेगा। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई गति देने के उद्देश्य से यह बातचीत 10 दिसंबर से शुरू होकर 12 दिसंबर तक तीन दिन चलेगी। हालांकि, इसे अभी औपचारिक दौर की बातचीत नहीं माना जा रहा है, लेकिन दोनों पक्षों के लिए यह वार्ता बेहद अहम होगी।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर करेंगे, जो इस महत्वपूर्ण बातचीत के लिए दिल्ली पहुंचेंगे।![]()
India US Trade Agreement टैरिफ के मुद्दे पर मिलेगी राहत यह दौरा अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद हो रहा है, जो टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को टैरिफ से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा।
India US Trade Agreement छह राउंड की बातचीत हो चुकी दोनों देश टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक व्यापार ढांचा बनाने और एक पूर्ण व्यापार समझौते पर समानांतर बातचीत कर रहे हैं। अब तक दोनों पक्षों के बीच छह राउंड की बातचीत हो चुकी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भी भारतीय दल इससे पहले दो बार अमेरिका का दौरा कर चुका है।
India US Trade Agreement 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य इस समझौते का मुख्य मकसद 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से दोगुना करके 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हाल ही में बयान दिया है कि भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ इस साल ही व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बन जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा और इस दौरान दोनों देशों के बीच का व्यापार 131.84 अरब डॉलर रहा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत और आयात में 6.22 प्रतिशत रही।









