वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि भारत ने अब अमेरिका पर टैरिफ कम करने की पेशकश की है, लेकिन यह बहुत देर हो चुकी है। ट्रम्प ने भारत-यूएस व्यापार को ‘एकतरफा’ बताते हुए कहा कि भारत अमेरिका को बहुत सारा सामान बेचता है, जबकि अमेरिका भारत को बहुत कम सामान बेच पाता है।
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ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर अत्यधिक टैरिफ लगाए, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में व्यापार मुश्किल हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अपनी ज़रूरत का ज्यादातर तेल और मिलिट्री उपकरण रूस से खरीदता है, न कि अमेरिका से, और यह समस्या सालों पुरानी है। ट्रम्प का कहना है कि भारत को पहले ही टैरिफ कम कर देना चाहिए था।
पृष्ठभूमि: ट्रम्प ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% बेस टैरिफ और 25% एक्स्ट्रा टैरिफ रूसी तेल खरीदने के कारण लगाया गया। उनके सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर आरोप लगाया कि रूस से तेल खरीदकर मुनाफाखोरी की जा रही है और यह अमेरिका के हितों के खिलाफ है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी की सबसे खास साझेदारी बताया और कहा कि नई तकनीक, कारोबार और रक्षा क्षेत्रों में दोस्ती और गहरी हो रही है।
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ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री मोदी ने SCO समिट में चीन और रूस के नेताओं से मुलाकात की। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प और मोदी के बीच तनाव की एक वजह उनकी नोबेल पुरस्कार की ख्वाहिश भी रही है।













