नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह पड़ोसी देशों के प्रति बड़े दिल से सोचता है। जम्मू-कश्मीर में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान को इस बारे में जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह सूचना पूरी तरह मानवीय आधार पर दी गई है।
Read More : मैट्रो मिल्क फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक, 30 कर्मचारी फंसे…
गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। इसके बाद से भारत को पाकिस्तान को जल प्रवाह और तकनीकी जानकारी देने की बाध्यता नहीं रही।
पहली बार उच्चायोग के माध्यम से संवाद
इस बार विशेष बात यह रही कि भारत ने इस जानकारी को साझा करने के लिए इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग का इस्तेमाल किया। आमतौर पर पहले ऐसी सूचनाएं सिंधु जल समझौते के तहत साझा की जाती थीं।
तवी नदी पर अलर्ट
भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि तवी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा है। जानकारी मिलते ही पाकिस्तान प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
Read More : CG DA Hike : कर्मचारी संगठनों की लंबे समय से मांग पूरी, अब जेब में आएगी ज्यादा रकम, सरकार ने आदेश जारी किया
सिंधु जल समझौता स्थगन की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया। तत्पश्चात ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही यह कह चुके हैं कि यह समझौता भारत और उसके किसानों के साथ अन्याय था। उन्होंने साफ कहा – “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”











