नई दिल्ली : हांगकांग के ताइपो इलाके में बुधवार दोपहर को वांग फुक कोर्ट में भीषण आग लग गई। इस 40 साल पुरानी आवासीय इमारत में 2,000 फ्लैट्स हैं और लगभग 4,600 लोग रहते हैं। आग के कारण 128 लोग मारे गए हैं, जबकि 200 से अधिक लापता हैं। इस हादसे में 76 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की स्थिति गंभीर है।
क्रिमिनल जांच और गिरफ्तारी
हॉन्गकॉन्ग पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार और दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इमारत निर्माण और मरम्मत में नियमों का उल्लंघन किया गया और ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल हुआ। आग फैलने के मुख्य कारण स्टायरोफोम और बाहरी जाली बताए जा रहे हैं।
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सभी पब्लिक हाउसिंग की होगी जांच
हॉन्गकॉन्ग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा कि सभी पब्लिक हाउसिंग प्रोजेक्ट की जांच की जाएगी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी शोक व्यक्त किया और लोगों की मदद की हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया।
विशेषज्ञों की राय
चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हॉकिंग की आर्किटेक्ट रफाएला एंड्रिजी के अनुसार, आग का मुख्य कारण बांस नहीं बल्कि प्लास्टिक की जाली और ज्वलनशील निर्माण सामग्री हैं। तेज हवा और जलते मलबे के कारण आग एक इमारत से दूसरी इमारत तक फैल गई।
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फायर फाइटर की मौत
इस हादसे में फायर फाइटर हो वाई-हो की भी मौत हुई। 9 साल से फायर सर्विस में तैनात हो ग्राउंड फ्लोर पर आग बुझाने गए थे और संपर्क टूटने के बाद उन्हें मृत पाया गया।
राहत कार्य और जांच जारी
अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए टीमों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मरम्मत के कारण कई खिड़कियां बंद थीं और कई मंजिलों पर तापमान इतना बढ़ गया कि फायर फाइटर पहुंच नहीं पाए।













