निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन आज सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक गंभीर लाइफस्टाइल डिसऑर्डर बन चुका है। दुनिया भर में करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं, लेकिन इसके बावजूद इससे जुड़ी कई गलत धारणाएं लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। समय रहते अगर इन मिथकों को न तोड़ा जाए, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर और आंखों की रोशनी तक जाने का जोखिम बढ़ जाता है।
साइलेंट किलर है हाई ब्लड प्रेशर
सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि हाई बीपी होने पर लक्षण जरूर दिखते हैं। सच्चाई यह है कि अधिकतर मामलों में कोई लक्षण नहीं होते। इसी वजह से इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। कई लोगों को तब पता चलता है, जब हालत गंभीर हो चुकी होती है। इसलिए नियमित बीपी चेक कराना बेहद जरूरी है।
सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं
अक्सर लोग मानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ उम्रदराज लोगों को होता है, लेकिन आज के दौर में युवा भी इसकी चपेट में हैं। गलत खानपान, मोटापा, तनाव, नींद की कमी और एक्सरसाइज न करना इसके प्रमुख कारण हैं।
जीन से ज्यादा अहम है लाइफस्टाइल
अगर परिवार में बीपी की हिस्ट्री है तो लोग इसे अपनी किस्मत मान लेते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि आपकी रोजमर्रा की आदतें ज्यादा असर डालती हैं। हेल्दी डाइट, वजन कंट्रोल और नशे से दूरी बीपी को काबू में रख सकती है।
तनाव अकेला जिम्मेदार नहीं
तनाव से बीपी अस्थायी रूप से बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय तक हाई रहने की वजह खराब आदतें होती हैं। योग, ध्यान और अच्छी नींद तनाव और बीपी दोनों को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
दवा के साथ लाइफस्टाइल जरूरी
कई लोग दवा लेने के बाद खानपान और एक्सरसाइज को नजरअंदाज कर देते हैं, जो खतरनाक है। दवा तभी असरदार होती है, जब साथ में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई जाए।
एक्सरसाइज से न डरें
यह भी एक मिथक है कि हाई बीपी में एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। नियमित हल्की से मध्यम एक्सरसाइज दिल को मजबूत बनाती है और बीपी को कंट्रोल करती है।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें
बीपी कंट्रोल में आने पर दवा छोड़ देना खतरनाक हो सकता है। यह एक दीर्घकालिक बीमारी है, जिसका इलाज निरंतर निगरानी से ही संभव है।











