Diabetic Nerve Pain: थायराइड और कीमोथेरेपी से होने वाले नर्व पेन में भी फायदेमंद हो सकता है लाल मिर्च का यह तत्व

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Diabetic Nerve Pain: नई दिल्ली/रायपुर: डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों में नर्व पेन यानी नसों से जुड़ा दर्द (डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी) एक बेहद आम और दर्दनाक समस्या है। इसमें मरीजों के पैरों और हाथों में लगातार जलन, झनझनाहट, सुन्नपन या बिजली के झटके जैसा तेज दर्द महसूस होता है। इस गंभीर समस्या को लेकर ‘जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया’ (JAPI) में एक बेहद चौंकाने वाली और राहत देने वाली मेडिकल रिव्यू प्रकाशित हुई है। इस शोध के मुताबिक, लाल मिर्च में पाया जाने वाला एक सक्रिय तत्व ‘कैप्साइसिन’ (Capsaicin) नसों के इस पुराने दर्द को कम करने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।4 Health Benefits of Capsaicin

22 क्लीनिकल अध्ययनों और 1,800 मरीजों पर हुआ विश्लेषण

चेन्नई स्थित डॉ. मोहन डायबिटीज स्पेशियलिटी सेंटर के चेयरमैन और प्रसिद्ध डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. वी. मोहन, मुंबई के शिल्पा मेडिकल रिसर्च सेंटर के डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. मंगेश तिवास्कर, लीलावती अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अभय नेने और चिकित्सा मामलों की एक्सपर्ट डॉ. सोनाली गोखले सहित देश के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञों के नेतृत्व में यह व्यापक रिव्यू तैयार किया गया है। इसमें 1,800 से अधिक मरीजों पर किए गए 22 अलग-अलग क्लीनिकल अध्ययनों का गहन एनालिसिस किया गया। इसमें पाया गया कि कैप्साइसिन नसों से जुड़े दर्द, विशेष रूप से डायबिटिक पेरिफेरल न्यूरोपैथी और पोस्टहर्पेटिक न्यूराल्जिया में स्थानीय स्तर पर बेहतरीन राहत पहुंचाता है।Capsaicin | Podcast | Chemistry World

क्यों खास है 0.075 प्रतिशत कैप्साइसिन फॉर्मूलेशन?

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में उपलब्ध सामान्य पेनकिलर या बाम नसों के दर्द की मूल वजह पर काम नहीं करते हैं, जिससे मरीजों को आराम नहीं मिलता। इसके विपरीत, त्वचा पर लगाई जाने वाली 0.075 प्रतिशत कैप्साइसिन क्रीम (Topical Cream) सबसे प्रभावी पाई गई है। डॉ. वी. मोहन ने स्पष्ट किया कि कैप्साइसिन को केवल एक साधारण दर्द निवारक बाम समझना गलत होगा; यह वास्तव में त्वचा के माध्यम से सीधे उन तंत्रिका तंतुओं (Nerve Fibers) पर असर करता है जो मस्तिष्क तक दर्द के संकेत पहुंचाते हैं। कम सांद्रता वाले अन्य उत्पादों की तुलना में 0.075% का यह फॉर्मूलेशन नसों के सिग्नल ब्लॉक करने में अधिक सक्षम है।A comprehensive review of capsaicin: Biosynthesis, industrial productions,  processing to applications, and clinical uses: Heliyon

खुद से इलाज करने के बजाय लें डॉक्टरों की सलाह

डॉ. मंगेश तिवास्कर और डॉ. सोनाली गोखले के मुताबिक, यह क्रीम उन मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो लंबे समय तक हैवी ओरल दवाएं (खाने वाली गोलियां) नहीं लेना चाहते या जिनके लीवर-किडनी पर दवाओं का असर पड़ रहा है। हालांकि, नसों में दर्द की वजह सिर्फ डायबिटीज नहीं, बल्कि विटामिन बी की कमी, थायराइड, अत्यधिक शराब का सेवन या कीमोथेरेपी भी हो सकती है। इसलिए, विशेषज्ञों ने सख्त हिदायत दी है कि इस रिव्यू के निष्कर्षों के आधार पर मरीज खुद से अपना इलाज (Self-Medication) शुरू न करें, बल्कि पैरों में किसी भी तरह की जलन या दर्द होने पर पहले अपने डॉक्टर से नसों की सही जांच कराएं और उनकी देखरेख में ही इस थेरेपी का उपयोग करें।

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