Gwalior News : ग्वालियर /भूपेन्द्र भदौरिया : जीवाजी विश्वविद्यालय की महलगांव स्थित भूमि (सर्वे क्रमांक 869, 871 और 872) पर लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे को आज प्रशासन ने हटा दिया। बताया गया है कि भूमाफियाओं ने करीब 5 बीघा जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था। इस भूमि के एक हिस्से पर झुग्गी-झोपड़ियां बनी हुई थीं, जबकि दूसरे हिस्से में लगभग 35 खाली प्लॉट और कुछ मकान बनाए गए थे।
Gwalior News : विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में पहले ही जिलाधीश को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कब्जा नहीं हटाया जा सका था। गुरुवार को विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जेसीबी मशीन की मदद से जमीन का एक हिस्सा खाली कराया गया। कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
Gwalior News : अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। कब्जा करने वालों का दावा था कि यह जमीन उनके पुरखों की है, जबकि 2016 में तहसीलदार द्वारा किए गए सीमांकन में स्पष्ट किया गया था कि यह लगभग 5 बीघा भूमि जीवाजी विश्वविद्यालय की है। इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
Gwalior News : अधिकारियों ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों को नोटिस देकर जमीन खाली कराई जाएगी। इस भूमि पर पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत स्वीकृत अभियांत्रिकी संस्थान के विस्तार का कार्य प्रस्तावित है। इसी के तहत आज झुग्गी-झोपड़ियों और खाली प्लॉटों पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया।











