नई दिल्ली : गोवा के पर्यटक इलाके अर्पोरा में शनिवार देर रात हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने एक भयावह त्रासदी का रूप ले लिया। नाइट क्लब “बर्च बाय रोमियो लेन” में आधी रात के समय हुए जोरदार विस्फोट के बाद अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरी इमारत में फैल गया और इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 20 स्टाफ सदस्य और 4 पर्यटक बताये जा रहे हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, ज्यादातर मौतें आग से जलने की बजाय दम घुटने से हुई हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं गोवा पुलिस ने क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
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कैसे हुआ सिलेंडर ब्लास्ट?
घटना रात करीब 1 बजे की है। नाइट क्लब के किचन एरिया में अचानक गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना तेज था कि आग ने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जांच में पाया गया कि उस समय किचन में क्लोजिंग वर्क चल रहा था और गैस लीक होने से धमाका हुआ।
23 की मौत धुएं से, सिर्फ 2–3 जले
पुलिस के अनुसार, 25 मृतकों में से 23 लोगों की मौत दम घुटने से हुई। सिर्फ 2–3 लोग ही आग की लपटों में झुलसकर मरे।धुएं से मौत होने का कारण यह बताया जा रहा है कि विस्फोट के समय अधिकतर कर्मचारी बेसमेंट में मौजूद थे और अचानक हुए धमाके के बाद घबराकर नीचे की ओर ही भाग गए। बाहर निकलने की बजाय बेसमेंट में छिपना उनके लिए घातक साबित हुआ।
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बच सकती थीं जानें?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि धमाके के तुरंत बाद लोग खुले एरिया की ओर भाग जाते, तो इतना नुकसान नहीं होता। बेसमेंट में धुआं बहुत तेजी से भर गया और ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग वहीं बेहोश होकर गिरते चले गए।
फायर सेफ्टी मानकों की जांच शुरू
पुलिस, एफएसएल टीम और जिला प्रशासन ने नाइट क्लब को सील कर दिया है। प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने के आरोप लगे हैं।क्लब के मालिकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (IPC 304) का मामला दर्ज किया गया है।
सीएम प्रमोद सावंत का बयान
इस बाबत गोवा के मुख्यमंत्री ने कहा कि—“क्लब प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”उन्होंने यह भी कहा कि जांच तेज की गई है क्योंकि हादसे के समय गोवा में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे।













