Global technology : नई दिल्ली। वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने भारत के डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सत्य नडेला ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद भारत में 17.5 अरब डॉलर (लगभग 1.57 लाख करोड़ रुपये) के बड़े निवेश का ऐलान किया है। यह राशि एशिया में माइक्रोसॉफ्ट का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जो भारत के लिए कंपनी की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बड़े निवेश की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘भारत के AI अवसर’ पर हुई प्रेरणादायक बातचीत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निवेश भारत के ‘AI First Future’ के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल और सॉवरेन कैपिबिलिटी (संप्रभु क्षमता) के निर्माण में मदद करेगा। यह विशाल वित्तीय प्रतिबद्धता भारत को AI नवाचार और डिजिटल शक्ति के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण का पूरक है।
Global technology : कंपनी द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इस निवेश का मुख्य लक्ष्य भारत में AI को गति देना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ (2047 तक विकसित राष्ट्र) बनने के नजरिए को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है। नडेला ने पहले जनवरी 2025 में अपनी भारत यात्रा के दौरान अगले दो वर्षों में 3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी, जिसमें नए डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल थे। यह नवीनतम घोषणा उस पिछली प्रतिबद्धता को कई गुना बढ़ा देती है।
Global technology : इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के अलावा, माइक्रोसॉफ्ट भारत की लॉन्ग-टर्म कॉम्पिटिशन को भी समर्थन दे रहा है। कंपनी ने ऐलान किया है कि वह अपने ‘एडवांटेज इंडिया प्रोग्राम’ के दूसरे संस्करण के तहत अगले पांच सालों में 10 मिलियन (एक करोड़) लोगों को AI स्किल की ट्रेनिंग देगी। यह पहल देश के कार्यबल को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करने और देशभर में नए अवसर खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Global technology : सत्य नडेला ने भारत दौरे के दौरान यह दोहराया कि भारत तेजी से AI नवाचार में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह निवेश उनकी भारत को AI में खास बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाता है और यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि देशभर के लोगों और संगठनों को इस तकनीकी प्रगति का व्यापक तौर से लाभ मिले। माइक्रोसॉफ्ट का यह अभूतपूर्व निवेश भारत-अमेरिका के बीच मजबूत होते प्रौद्योगिकी सहयोग का भी संकेत है।









