Ganesh Chaturthi 2025 : रायपुर। गणेश चतुर्थी का पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह बुध ग्रह के दोष को शांत करने का भी उत्तम समय है। 29 अगस्त से बुधदेव अस्त होने जा रहे हैं और जिन लोगों की कुंडली में बुध महादशा या अंतरदशा चल रही है, उनके लिए यह समय विशेष रूप से संवेदनशील हो सकता है। बुध ग्रह का असर बुद्धि, वाणी, व्यापार और शिक्षा पर गहरा होता है। इस दौरान व्यक्ति मानसिक दबाव और उतार-चढ़ाव का सामना कर सकता है।
Ganesh Chaturthi 2025 : ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि गणेश जी को ‘विघ्नहर्ता’ और ‘बुद्धि के देवता’ माना जाता है। इस दिन किए जाने वाले कुछ सरल उपाय बुध ग्रह को शांत कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
गणेश चतुर्थी पर ये उपाय करें:
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गणपति को 21 दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें।
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एक नारियल पर सिंदूर और हल्दी लगाकर गणेश जी को चढ़ाएं और बाद में घर में रखें।
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मोदक या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाकर बच्चों में बांटें।
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कम से कम 11 बार ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जप करें।
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शाम को घर या मंदिर में घी का दीपक जलाएं और गणेश जी से अपनी मनोकामना प्रकट करें।
इन उपायों से होंगे लाभ:
ये उपाय न केवल बुध के दोष को कम करेंगे बल्कि करियर, शिक्षा और व्यापार में स्थिरता लाएंगे। साथ ही घर-परिवार में सामंजस्य, सुख-शांति और मानसिक संतुलन भी बना रहेगा।
गणेश चतुर्थी का यह पर्व आस्था और विश्वास का प्रतीक है, वहीं बुध महादशा या अंतरदशा वाले लोगों के लिए यह ग्रहों की बाधाओं से मुक्ति पाने का सरल और प्रभावकारी समय भी है।











