Quality Of The Medicine : भूपेन्द्र भदौरिया/ग्वालियर। छिंदवाड़ा में कफ सिरप से मासूमों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर मचे बवाल के बीच, अब ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार में भी दवा की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में मरीजों को मेट्रोजिल और आरएल ड्रिप लगाए जाने के कुछ मिनटों बाद ही उनकी हालत अचानक बिगड़ गई।
Quality Of The Medicine : करीब छह मरीजों को सुबह के समय ड्रिप लगाई गई थी। ड्रिप लगते ही उन्हें बेचैनी, तेज बुखार, घबराहट और शरीर में जकड़न की शिकायत होने लगी, जिसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। घबराए परिजनों ने तुरंत अस्पताल स्टाफ को बुलाया। ड्रिप हटाकर और आवश्यक इंजेक्शन दिए जाने के बाद मरीजों की हालत कुछ देर में स्थिर हुई। हालाँकि, एक मरीज रवि तोमर को गंभीर हालत के चलते अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
Quality Of The Medicine : बताया जा रहा है कि यह घटना दो दिनों में लगातार हुई है और जिन मरीजों को ड्रिप दी गई थी, वे सभी एक ही बैच नंबर की थीं। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति है।
Quality Of The Medicine : मामले पर सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा (सिविल सर्जन, सिविल हॉस्पिटल मुरार, ग्वालियर) का कहना है कि : “बुखार के मरीजों में कई बार ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, फिर भी एहतियात के तौर पर ड्रिप की गुणवत्ता की जाँच करा ली जाएगी।”











