Flight Safety — नई दिल्ली। यूरोप की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने अपने A320 बेड़े के विमानों के सॉफ्टवेयर में आई गंभीर तकनीकी खामी के कारण दुनिया भर से करीब 6000 विमानों को वापस बुलाया है। कंपनी ने दावा किया है कि उड़ान नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण डेटा पर तीव्र सौर विकिरण (Solar Radiation) के कारण बुरा असर पड़ सकता है, जिससे बड़ा खतरा उत्पन्न होने की आशंका थी।
इस बड़े रिकॉल के चलते भारत में इंडिगो, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस समेत कई एयरलाइनों के परिचालन में देरी और कुछ उड़ानों को रद्द किए जाने की आशंका है।
Flight Safety क्या है रिकॉल का मुख्य कारण?
एयरबस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि:
सोलर रेडिएशन का प्रभाव: उड़ान नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण डेटा तीव्र सौर विकिरण के कारण प्रभावित हो सकते हैं।
जोखिम: एविएशन में, तेज सोलर रेडिएशन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं, जिससे नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल में रुकावट आ सकती है।
यह फैसला 30 अक्तूबर को हुई एक घटना के विश्लेषण के बाद लिया गया, जब जेटब्लू की एक A320 फ्लाइट अचानक तेजी से ऊंचाई से गिरने लगी थी, जिससे कई यात्री घायल हो गए थे। जांच में पाया गया कि सोलर फ्लेयर्स फ्लाइट कंट्रोल के लिए जरूरी डेटा को खराब कर सकते हैं।
Flight Safety कैसे होगा अपग्रेड?
एयरबस ने A320 परिवार के लगभग 6000 विमानों को रिकॉल किया है। भारत में लगभग 200-250 A320 श्रेणी के विमान प्रभावित हुए हैं।
अपग्रेड की प्रकृति: यह विमान के संस्करण पर निर्भर करती है। पुराने संस्करण के विमानों में ELAC (एलिवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर) को बदलना होगा, जबकि नए संस्करणों में सॉफ्टवेयर अपडेट की आवश्यकता होगी।
समय: अधिकांश विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट में कुछ घंटे लगेंगे, लेकिन लगभग 1,000 विमानों की सुधार प्रक्रिया में कई हफ्ते लग सकते हैं।
भारत पर असर: उड़ानों में देरी की आशंका
भारतीय विमानन कंपनियों के पास बड़ी संख्या में A320 और उसके वेरिएंट (A320 CEO, NEO, A321 CEO, NEO) हैं।
इंडिगो: कंपनी ने अधिसूचना से अवगत होने की बात कही और कहा कि वे एयरबस के साथ मिलकर कार्यान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि कम से कम व्यवधान आए।
Flight Safety एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस : दोनों कंपनियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर से जुड़े बदलावों के कारण निर्धारित परिचालन में देरी होगी और यात्रियों को असुविधा हो सकती है। एअर इंडिया एक्सप्रेस के 31 विमान प्रभावित हो सकते हैं।
यह तकनीकी खामी हजारों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है, लेकिन समय रहते सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया शुरू होने से एक बड़ा विमानन खतरा टल गया है।











