Terror Attacks/नई दिल्ली: जहां एक तरफ देश की सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर में दो बड़ी आतंकी साजिशों का खुलासा करके एक बार फिर साबित कर दिया है कि आतंकी नेटवर्क देश के कई हिस्सों में जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं इन दोनों बड़ी घटनाओं में गिरफ्तार हुए आरोपी डॉक्टरों की संलिप्तता ने सुरक्षा तंत्र को चौंका दिया है, क्योंकि आतंकियों ने पेशेवर रूप से शिक्षित लोगों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया था।
जम्मू-कश्मीर से शुरू हुई जांच ने खोला खुलासों का पिटारा
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 8 नवंबर को GMC अनंतनाग के पूर्व डॉक्टर आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। उसके लॉकर से AK-47 राइफल मिलने के बाद शक और गहरा गया कि उसकी संलिप्तता किसी बड़े आतंकी संगठन से हो सकती है।
Terror Attacks वहीं पूछताछ में आदिल ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को अन्य राज्यों तक विस्तार दिया। उसके कबूलनामे से पता चला कि वह लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के संपर्क में था और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध करा रहा था।
फरीदाबाद में 300 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
इधर डॉक्टर आदिल की निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में छापेमारी की। यहां एक किराए के कमरे से 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट, AK-47 राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
मामले पर सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी का संकेत है। अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग बड़े पैमाने पर धमाकों में किया जाता है और 300 किलो विस्फोटक किसी शहर को गंभीर रूप से दहला सकता था।
दोनों घटनाएँ जोड़ रही हैं एक ही कड़ी: डॉक्टरों का आतंक से जुड़ाव
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन दोनों साजिशों में डॉक्टर शामिल पाए गए—
- जम्मू-कश्मीर में डॉक्टर आदिल अहमद,
- फरीदाबाद में उसके नेटवर्क से जुड़े डॉक्टर मुजमिल।
गौरतलब है कि,शिक्षित और प्रतिष्ठित प्रोफेशनल्स का आतंकी गतिविधियों में शामिल होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा है, क्योंकि ऐसे लोग समाज में आसानी से संदेह के दायरे में नहीं आते,जिससे खतरा और भी बढ़ जाता है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क, और गिरफ्तारियाँ संभव
Terror Attacks इधर जांच एजेंसियां इस संभावना पर काम कर रही हैं कि इस मॉड्यूल में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग जुड़े हो सकते हैं। पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से निर्देश लेने वाले भारतीय मॉड्यूल लगातार सक्रिय रहे हैं।
मामले पर सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि मामले में कई नए लिंक सामने आ रहे हैं।
दो राज्यों की कार्रवाई ने बचाई देश की बड़ी त्रासदी
इस तरह देखा जाए तो, जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद में सामने आई इन दोनों घटनाओं ने यह साफ़ कर दिया है कि अब आतंकी नेटवर्क, डॉक्टरों, छात्रों और तकनीकी पेशेवरों को टार्गेट कर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में अगर समय रहते दोनों जगह पुलिस कार्रवाई नहीं होती, तो देश किसी बड़े हमले का शिकार हो सकता था। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसिओं को अब और भी चौजांना होने की जरुरत है।









