duty pressure : रीवा/सीधी। निर्वाचन आयोग के आदेश पर करवाए जा रहे संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) कार्य का अत्यधिक दबाव अब कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ रहा है। रीवा के बाद अब सीधी जिले के रामपुर नैकिन में पदस्थ एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की हृदय गति रुकने (Heart Attack) से मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बीएलओ और आरआई ने उन्हें उपचार के लिए अवकाश देने से इनकार कर दिया और काम पूरा करने का दबाव बनाते रहे, जो मौत का कारण बना।
SIR कार्य के दौरान आया पहला दौरा
यह सनसनीखेज मामला सीधी जिले के रामपुर नैकिन से जुड़ा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वीणा मिश्रा SIR (संक्षिप्त पुनरीक्षण) का काम कर रही थीं।
घटना: कार्य के दौरान वीणा मिश्रा के सीने में अचानक तेज दर्द उठा और वह मौके पर ही बीएलओ और आरआई (राजस्व निरीक्षक) के सामने जमीन पर गिरकर बेहोश हो गईं।
अस्पताल में भर्ती: मौके पर मौजूद अधिकारियों की सूचना पर परिजन पहुंचे और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों की पुष्टि: संजय गांधी अस्पताल में चिकित्सकों ने परिजनों को बताया कि वीणा मिश्रा को दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा है।
duty pressure : अवकाश न मिलने पर काम पर लौटने का दबाव
परिजनों ने जब प्रशासनिक अधिकारियों को वीणा मिश्रा की गंभीर स्थिति से अवगत कराया, तो उनकी संवेदनहीनता चरम पर पहुंच गई:
अधिकारियों का फरमान: अधिकारियों ने परिवार को यह फरमान सुनाया कि या तो वह नौकरी छोड़ दें, या किसी भी सूरत में SIR का काम पूरा करके वापस आएं।
उपचार छोड़ काम पर लौटे: प्रशासनिक दबाव के चलते, पीड़ित परिवार को उपचार करा रही वीणा मिश्रा को लेकर दोबारा कार्यस्थल पर लौटना पड़ा।
दूसरा दौरा पड़ा और चली गई जान
कार्यस्थल पर लौटते ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की हालत फिर बिगड़ गई।
दूसरा अटैक: इसी दौरान वीणा मिश्रा को दोबारा सीने में तेज दर्द हुआ और वह फिर से बेहोश हो गईं।
मौत: कार्यकर्ता का भांजा राज मिश्रा उन्हें फिर वाहन से लेकर संजय गांधी अस्पताल पहुंचा, जहां कुछ ही समय के उपरांत उनकी मौत हो गई।
बेटा बोला: ‘संवेदनहीन सरकार और प्रशासन जिम्मेदार’
मृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वीणा मिश्रा के बेटे नीरज मिश्रा ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
नीरज मिश्रा (मृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का बेटा): “अगर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने मेरी मां के जीवन के लिए थोड़ी भी संवेदनशीलता दिखाई होती, और समय पर अवकाश दे दिया होता, तो आज मेरी मां हमारे पास होती। यह संवेदनहीन सरकार और प्रशासन ही मेरी मां की मौत का जिम्मेवार है।”
राज मिश्रा (मृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का भांजा): “(घटना का विवरण बताते हुए)…अधिकारियों के दबाव के कारण हम उन्हें वापस लेकर गए, और इसी लापरवाही के चलते हमने उन्हें खो दिया।”
इससे पहले, रीवा में भी एक शिक्षक को SIR का काम करते समय ब्रेन हेमरेज होने का मामला सामने आया था, जिससे चुनाव ड्यूटी के अत्यधिक दबाव को लेकर सरकारी कर्मचारियों में भय का माहौल है।











