Durg Opium Scandal : रायपुर/दुर्ग। दुर्ग जिले के समोदा गांव में सामने आए अफीम की अवैध खेती के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। रविवार को भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में अफीम के अवैध पौधों को उखाड़ने का कार्य दिनभर चला। इस मामले में अब तक निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और उसके दो नौकरों को गिरफ्तार किया गया है।
जमीन में दबाकर नष्ट किए जाएंगे अफीम के पौधे अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई अफीम की मात्रा काफी अधिक है। पर्यावरण और सुरक्षा कारणों से इसे खुले में जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने की योजना है। पुलिस का कहना है कि अफीम को जलाने से वायु प्रदूषण का खतरा हो सकता है, इसलिए इसे जमीन में गहरा गड्ढा खोदकर दबाने (नष्टीकरण) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए पर्यावरण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से विधिवत अनुमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जांच का दायरा बढ़ा, और गिरफ्तारियां संभव पुलिस का दावा है कि मुख्य आरोपी विनायक ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद मामले की कड़ियाँ जुड़ने लगी हैं। अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। आईजी की अध्यक्षता में मादक पदार्थों के नष्टीकरण के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
क्या है पूरा मामला? दुर्ग के समोदा गांव में 10 एकड़ भूमि पर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया था। आरोपी ने न केवल खेती की, बल्कि इसे संरक्षण में संचालित करने का भी आरोप है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।
आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।











