durg Crime: दुर्ग : दुर्ग के चर्चित तिहरे हत्याकांड में 6 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। वर्ष 2020 में हुए इस मामले में कोर्ट ने आरोपी रवि शर्मा को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का मामला मानते हुए यह निर्णय दिया। इस केस में शासकीय वकील भावेश कटरे ने पक्ष रखा।
durg Crime: यह घटना 17 जनवरी 2020 को भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में हुई थी। आरोपी रवि शर्मा ने अपनी पत्नी मंजू शर्मा, डेढ़ माह की बेटी और एक मानसिक रूप से कमजोर युवक की हत्या कर दी थी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए उसने तीसरे शव को अपना बताने की कोशिश की, ताकि खुद को मृत साबित कर सके।
durg Crime: जांच के दौरान सामने आया कि रवि पहले से शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी व बच्चे राउरकेला में रहते थे। भिलाई में उसने मंजू से दूसरी शादी की थी। बच्ची के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद उसने हत्या की योजना बनाई। उसने एक अज्ञात युवक को शराब में नशीली दवा देकर बेहोश किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी मंजू को भी नींद की दवा देकर गला घोंट दिया और मासूम बच्ची की भी जान ले ली।
durg Crime: सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने शवों को जलाने और गैस सिलेंडर से विस्फोट कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी योजना सफल नहीं हो सकी। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स, बरामद सामान और गवाहों के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। अदालत में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई गई।











