Diwali Special : बुरहानपुर। दीपावली का पर्व नजदीक आते ही बुरहानपुर के बाजारों में उत्साह और रौनक चरम पर है। मिठाइयों, सजावट के सामानों और पूजा सामग्री की खरीदारी जोरों पर है। इस पारंपरिक माहौल में, दीपावली पूजन में विशेष महत्व रखने वाली मिठाई ‘बताशे’ बनाने का काम भी शुरू हो गया है, जिसे लेकर इस बार एक खास आकर्षण है।
Diwali Special : राजस्थान के कारीगरों की खास कारीगरी
इस वर्ष बुरहानपुर में बताशे बनाने के लिए विशेष रूप से राजस्थान से कुशल कारीगरों को बुलाया गया है। ये कारीगर, जो वर्षों से पारंपरिक बताशे बनाने में महारत रखते हैं, दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
- पारंपरिक प्रक्रिया: कारीगर बताशे बनाने के लिए चीनी के घोल को एक निश्चित तापमान तक उबालते हैं, फिर उसे तेजी से फेंटकर हवा मिलाई जाती है, जिससे यह मिठाई फूला और कुरकुरा बनती है।
- रंग और मिठास: ये कारीगर पारंपरिक तरीके से सफेद और गुलाबी रंग के बताशे तैयार कर रहे हैं, जिनकी मिठास इस बार खास होने वाली है।
बाजार में बताशों की भारी मांग
बुरहानपुर के स्थानीय बाजारों में इन ‘देसी बताशों’ की मांग हर साल दीपावली के समय बढ़ जाती है। इन्हें लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे शुभ त्योहारों में प्रसाद और शुभ प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
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स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस बार इन पारंपरिक बताशों की मांग पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है, और राजस्थान के कारीगरों की कला के कारण ग्राहकों में इन बताशों को लेकर विशेष उत्साह है।













