Bihar Assembly Elections : गठबंधन टूटने के कगार पर? टिकट पर हाहाकार; 10 सीटों पर मारामारी, NDA में चिराग को घेर रहे नीतीश-मांझी…

Parivesh
Bihar Assembly Elections

Bihar Assembly Elections : पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच दोनों प्रमुख गठबंधनों—सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी महागठबंधन—में सीटों के बँटवारे को लेकर गहरी कलह सामने आई है। नामांकन के लिए कुछ ही दिन शेष रहते, दोनों ही खेमों में 10 से अधिक सीटों पर घटक दलों के बीच आपस में ही ‘फ्रेंडली मुकाबले’ की स्थिति बन गई है, जिससे चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है।

READ MORE : Raipur Big News : कल शाम 42 टंकियों से नहीं मिलेगा पानी, 6 घंटे का रहेगा शटडाउन…

Bihar Assembly Elections : महागठबंधन में 10 सीटों पर दो दलों की जंग

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की अगुवाई वाले महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर दो घटक दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।

  • कांग्रेस vs RJD?: कांग्रेस 65 सीटों से कम पर राजी नहीं है, जबकि RJD 60 से कम सीटें देने की योजना बना रही है। इस खींचतान के चलते ही घोषी, मटिहानी, राजापाकड़, कहलगांव, पालीगंज, मांझी, बछवाड़ा, तरारी और कुटुंबा सहित 10 सीटों पर फ्रेंडली फाइट तय मानी जा रही है।
  • RJD ने अपने 71 उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया है, वहीं CPI-माले ने 18 और CPI ने 6 प्रत्याशी उतार दिए हैं, जिससे सीटों की उलझन और बढ़ गई है।

NDA में चिराग पासवान के खिलाफ नीतीश-मांझी का ‘संयुक्त मोर्चा’

सत्तारूढ़ एनडीए में भी सब कुछ ठीक नहीं है। सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी खुलकर सामने आ गई है, जिसका सीधा असर चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) पर पड़ रहा है।

READ MORE : Gang Rape Case : दुर्गापुर रेप केस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी वासिफ अली गिरफ्तार

  • नीतीश का विरोध: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने चिराग पासवान की LJP (राम विलास) के खाते में गई चार विधानसभा सीटों—सोनबरसा, गायघाट, राजगीर और एकमा—पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है।
  • मांझी भी नाराज: एनडीए के अन्य सहयोगी जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) ने भी चिराग की LJP को आवंटित दो सीटों—मखदुमपुर और बोधगया—पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी है।

इस तरह, एनडीए के अंदर ही कम से कम 6 सीटें ऐसी हैं, जहाँ सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं।

यह चुनाव न केवल गठबंधनों के बीच, बल्कि गठबंधनों के भीतर भी आंतरिक संघर्ष का मैदान बन गया है, जो इस बार के परिणाम को अप्रत्याशित बना सकता है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *