MP Politics: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट और निजी संपर्क व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के भीतर बदलते समीकरणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
हालांकि, दिग्विजय सिंह या कांग्रेस की ओर से इस बदलाव के पीछे किसी राजनीतिक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन समय को देखते हुए इसे लेकर कई तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
X अकाउंट का संचालन अब करेगा कार्यालय
MP Politics: मिली जानकारी के अनुसार, दिग्विजय सिंह ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट का संचालन अपने कार्यालय को सौंप दिया है। इसके साथ ही उनके सोशल मीडिया अकाउंट का नाम भी बदलकर “Office of Digvijaya Singh” कर दिया गया है।बताया जा रहा है कि अब उनके सोशल मीडिया से जुड़े सभी अपडेट, पोस्ट और आधिकारिक प्रतिक्रियाएं उनके कार्यालय की ओर से जारी की जाएंगी।
इतना ही नहीं, उन्होंने अपने दो सक्रिय मोबाइल नंबरों में से एक निजी मोबाइल नंबर भी अपने सचिव को सौंप दिया है। अब उस नंबर पर आने वाले कॉल और संदेश भी कार्यालय स्तर पर ही देखे जाएंगे।
दतिया उपचुनाव के बीच फैसले ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
MP Politics: दिग्विजय सिंह का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं। कुछ इसे डिजिटल कम्युनिकेशन की नई व्यवस्था मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन अटकलों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया है। भाजपा प्रवक्ता अजय यादव ने कहा कि कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को दतिया उपचुनाव की रणनीति और अहम बैठकों से दूर कर दिया है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अब दिग्विजय सिंह की भूमिका पहले जैसी नहीं रही और पार्टी उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल नंबर कार्यालय को सौंपने का फैसला केवल चर्चा में बने रहने की कोशिश है। उनके अनुसार यह एक राजनीतिक प्रचार का हिस्सा है।
कांग्रेस की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
MP Politics: भाजपा के आरोपों के बावजूद कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही दिग्विजय सिंह ने इस बदलाव को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान जारी किया है।ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि सोशल मीडिया और निजी संपर्क व्यवस्था में किया गया यह बदलाव पूरी तरह प्रशासनिक निर्णय है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
दिग्विजय सिंह लंबे समय से रहते हैं सक्रिय
MP Politics: दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति के सबसे सक्रिय और चर्चित नेताओं में गिने जाते हैं। वे लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। ऐसे में उनके सोशल मीडिया संचालन की जिम्मेदारी कार्यालय को सौंपना अपने आप में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि इस विषय पर दिग्विजय सिंह या कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है, तो इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
अब सबकी नजर अगले कदम पर
MP Politics: दतिया उपचुनाव के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। भाजपा जहां इसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर चुप्पी बरकरार है।
फिलहाल, दिग्विजय सिंह के सोशल मीडिया और निजी संपर्क व्यवस्था में किए गए इस बदलाव ने प्रदेश की सियासत में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और दिग्विजय सिंह स्वयं इस पूरे घटनाक्रम पर क्या सफाई देते हैं।







