CRPF Chintagufa Mahashivratri : कृष्णा नायक सुकमा/चिंतागुफा/सुकमा (15 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित चिंतागुफा क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और समरसता के साथ मनाया गया। सीआरपीएफ की द्वितीय वाहिनी (डी/02 समवाय) परिसर में आयोजित इस धार्मिक उत्सव में सुरक्षा बलों के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच अटूट विश्वास और श्रद्धा का संगम देखने को मिला। कमांडेंट कमलेश कुमार और द्वितीय-इन-कमांड विवेक सक्सेना के मार्गदर्शन में यहाँ विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया।
भक्तिमय वातावरण में हुआ महाप्रसाद का वितरण
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचीन शिव मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और महाआरती के साथ हुआ। इसके पश्चात आयोजित भंडारे में चिंतागुफा गाँव के ग्रामीणों, स्थानीय आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं और आरोग्य मंदिर के स्वास्थ्य कर्मियों सहित लगभग 600 से अधिक श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ शिरकत की। जवानों ने स्वयं आगे बढ़कर ग्रामीणों को ससम्मान प्रसाद और भोजन वितरित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा।
समरसता और भाईचारे का संदेश
सहायक कमांडेंट ज्ञानेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समरसता और सुरक्षा बलों के बीच आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि स्थानीय जनता और जवानों के बीच के संबंधों को सुदृढ़ करने का एक जरिया भी है। उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से देश की प्रगति, शांति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना की।
इन्होंने निभाया महत्वपूर्ण योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में पुलिस उपाधीक्षक प्रांशु तिवारी, चिंतागुफा थाना प्रभारी गोविंद यादव और चिंतलनार थाना प्रभारी विमल वट्टी सहित सीआरपीएफ के निरीक्षक महेंद्र सिंह व उपनिरीक्षक चंद्रभूषण की प्रमुख भूमिका रही। डीआरजी (DRG) के जवानों और सीआरपीएफ के कार्मिकों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सुव्यवस्थित और यादगार बनाया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक भोज के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसने सुकमा के जंगलों में एकता की एक नई गूंज पैदा की।













