sanvida karmachari : भोपाल : मध्य प्रदेश में अपनी प्रमुख मांग ‘नियमितीकरण’ को लेकर प्रदेश के संविदा कर्मचारियों ने आज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और एक अनोखा ‘घंटी बजाओ आंदोलन’ किया।
राज्य शिक्षा केंद्र के सामने जोरदार प्रदर्शन
आज प्रदेश भर के संविदा कर्मचारियों ने एकजुट होकर भोपाल में राज्य शिक्षा केंद्र के सामने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हाथों में घंटी और थाली बजाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को उन्हें नियमित करने की चेतावनी दी।
मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा:
“सरकार हमारी मांगें सुन ही नहीं रही, तो हम उसे जगाने आए हैं।”
sanvida karmachari : घंटी-थाली बजाकर सरकार को जगाने की कोशिश
संविदा कर्मचारियों ने बताया कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए उन्होंने विरोध का यह बिल्कुल अलग तरीका चुना है। उनका स्पष्ट कहना था कि— “सरकार हमारी मांगें सुन ही नहीं रही, तो हम उसे जगाने आए हैं।”
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के हाथों में स्टील की थालियाँ और घंटियाँ थीं, जिससे कुछ ही मिनटों में प्रदर्शन स्थल का माहौल बिल्कुल बदल गया और एक जोरदार आवाज़ गूँज उठी।
वर्षों से काम, फिर भी नहीं नियमितीकरण
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे नियमित कर्मचारियों के समान सभी महत्वपूर्ण सरकारी काम करते हैं। वे योग्यता के साथ परीक्षा पास करके भर्ती हुए हैं, फिर भी सरकार उनके साथ भेदभाव क्यों कर रही है।
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मुख्य मांग: कर्मचारियों ने मांग की है कि सरकार उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं प्रदान करे और उनका नियमितीकरण करे।
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लंबा कार्यकाल: प्रदेश में लगभग 2 लाख से ज्यादा संविदा कर्मचारी विभिन्न सरकारी विभागों में वर्षों से महत्वपूर्ण कार्य संभालते आ रहे हैं।
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सेवानिवृत्ति लाभ का अभाव: आंदोलनकारियों ने बताया कि कुछ कर्मचारियों को तो 30 वर्ष से ज्यादा की नौकरी संविदा पर हो गई है, मगर सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) पर उन्हें कोई लाभ नहीं मिलता है।
संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार को उनकी समस्याओं के प्रति जागरूक करने के लिए यह अनोखा आंदोलन किया है।











