Civil Collectorate : गोपाल देवकर/बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले के वार्ड क्रमांक 14 में लंबे समय से हो रही गंदे और मटमैले पानी की सप्लाई के खिलाफ आज नागरिकों का जनआक्रोश फूट पड़ा। समस्या से त्रस्त सैकड़ों की संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
Civil Collectorate : घरों में आ रहा है मटमैला पानी
वार्डवासियों का सब्र आज टूट गया, जिसके बाद वे साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कई दिनों से गंदे पानी की समस्या झेल रहे हैं।
(पीड़ित महिलाएँ): “हमारे घरों में कई दिनों से यही गंदा पानी आ रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, बुजुर्ग परेशान हैं… लेकिन प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा। इसलिए आज मजबूर होकर यहां आना पड़ा।”
Civil Collectorate : जलजनित बीमारियों का खतरा
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस दूषित पानी की वजह से क्षेत्र में जलजनित बीमारियों, खासकर डायरिया का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
पूर्व की घटना: उनका कहना है कि पूर्व में इसी गंदे पानी के कारण जिले में बड़ा डायरिया प्रकोप फैल चुका है, जिसमें करीब 300 लोग प्रभावित हुए थे और 2 से 3 लोगों की मौत भी हुई थी।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप: क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम ने अब तक न समस्या का कोई हल निकाला है, न पाइपलाइन बदली है और न ही पानी की जांच करवाई गई है।
Civil Collectorate : (जमील और अन्य क्षेत्रवासी): “बार-बार शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। हम लोगों की जान खतरे में है। अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो हम उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।”
जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब गेंद पूरी तरह से जिला प्रशासन के पाले में है। सवाल यह है कि क्या नगर निगम और जल विभाग समय रहते कार्रवाई करेगा, या फिर हालात एक बार फिर बेकाबू होने का इंतज़ार रहेगा। वार्ड 14 के लोग फिलहाल इस गंदे पानी की समस्या से बुरी तरह त्रस्त हैं।













