Chip Company : नई दिल्ली | दुनिया की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों में शामिल Intel ने इस साल अपने करीब 24,000 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है। यह छंटनी कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 25% हिस्सा है। 2024 के अंत तक कंपनी में कुल 99,500 कर्मचारी थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 75,000 रह जाएगी।
क्यों की जा रही है छंटनी?
- कंपनी ने कहा है कि यह फैसला कॉस्ट कटिंग और रिस्ट्रक्चरिंग के तहत लिया गया है।
- नए CEO लिप-बु तान ने यह कदम उठाया है, जिन्होंने इस बदलाव को “कठिन लेकिन जरूरी” बताया है।
- दूसरी तिमाही में कंपनी ने 1.9 बिलियन डॉलर (₹16,450 करोड़) का रिस्ट्रक्चरिंग खर्च दर्ज किया है।
प्रोजेक्ट्स रद्द, फैसिलिटी शिफ्ट
- जर्मनी और पोलैंड में प्रस्तावित मेगा फैब और टेस्ट फैसिलिटी रद्द की गई।
- कोस्टा रिका की फैसिलिटी के 2,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित होंगे।
- प्रोडक्शन यूनिट्स को वियतनाम और मलेशिया शिफ्ट किया जाएगा।
Intel का आर्थिक संकट
- हाल ही में कंपनी ने ₹25,107 करोड़ का तिमाही नुकसान दर्ज किया।
- PC चिप्स में कभी अग्रणी रही Intel अब AI चिप्स के सेक्टर में Nvidia और AMD से पिछड़ रही है।
भविष्य की योजना
- ओहियो में बन रही चिप फैक्ट्री अब 2030 तक ही पूरी होगी।
- ऑटोमोटिव चिप और रियलसेंस यूनिट को बंद किया गया।
- सितंबर से रिटर्न-टू-ऑफिस पॉलिसी लागू की जाएगी।
CEO का विज़न
Intel के CEO तान ने कहा:
“हम इंजीनियरों को तेज़ इनोवेशन के लिए तैयार करेंगे। भविष्य में AI और प्रोसेसर मार्केट में वापसी हमारी प्राथमिकता है। अब हमारे पास समय बर्बाद करने की कोई गुंजाइश नहीं है।”













