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छिंदवाड़ा त्रासदी : डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने स्वीकारी 20 बच्चों की मौत; नागपुर जाकर इलाज का लिया जायजा…

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छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश। छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में संदिग्ध कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले में, अब सरकार ने 20 बच्चों की मौत के आंकड़े को स्वीकार कर लिया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आज छिंदवाड़ा पहुंचकर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

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नागपुर में इलाज और परिजनों से मुलाकात

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने परासिया क्षेत्र में पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है। उन्होंने बताया कि इस घटना से प्रभावित 5 बच्चों का इलाज नागपुर में चल रहा है।

श्री शुक्ल ने खुद नागपुर जाकर अस्पताल में भर्ती बच्चों का जायजा लिया और उनके परिजनों से चर्चा की। उन्होंने डॉक्टरों को सभी बच्चों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर हुई बैठक

डिप्टी सीएम ने छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।

गौरतलब है कि बीते 24 घंटों के भीतर 4 बच्चों की और मौत हो चुकी है, जिसके बाद इस दर्दनाक घटना में मौत का आंकड़ा बढ़कर 20 तक पहुँच गया है, जिससे कई माताओं की गोद सूनी हो गई है।

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डॉक्टरों की हड़ताल पर दी नसीहत

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम ने डॉक्टरों की चल रही हड़ताल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह समय अभी हड़ताल के लिए सही नहीं है और सभी को मिलकर इस संकट की घड़ी में सहयोग करना चाहिए।


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