भोपाल/सागर। Nishaanebaz.com-Cheetah Project Nauradehi: मध्य प्रदेश के वन्यजीव इतिहास में 7 अक्टूबर का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर स्थित नौरादेही (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) पहुंचकर दो नए चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। मुख्यमंत्री ने इन दोनों चीतों के नाम ‘वियोम’ और ‘नीरा’ रखे हैं। इस अवसर पर आयोजित “वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह” के समापन समारोह के दौरान सीएम डॉ. यादव ने गिद्ध संख्या आंकलन-2026 की रिपोर्ट भी जारी की और बुंदेलखंडी भाषा में लिखित ‘वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व’ पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि चीतों की प्राकृतिक बसाहट के लिए मध्य प्रदेश की धरती सबसे अनुकूल और उत्कृष्ट साबित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नए चीता घर की अपनी एक विशेष विशेषता है क्योंकि यहां बाघ पहले से मौजूद हैं और अब चीते भी छोड़े जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के कल्याण पर जोर देते हुए बताया कि अभयारण्यों और पर्यटन से होने वाली इस वर्ष की 80 करोड़ रुपये की आय में से 20 करोड़ रुपये की राशि आसपास के गांवों के निवासियों को वितरित की जा रही है। सरकार बफर जोन के निवासियों को होम स्टे बनाने के लिए 2 से 3 लाख रुपये का अनुदान भी दे रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में साल 2022 से शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज देश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। मध्य प्रदेश में न सिर्फ टाइगर और चीते बल्कि सबसे ज्यादा गिद्ध भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज हम दो चीते छोड़ रहे हैं और अगले महीने दो और लेकर आएंगे, जो आगे चलकर अपना परिवार बढ़ाएंगे। चीतों की विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि इनका मनुष्यों से कभी संघर्ष नहीं होता और ये बेहद शांतिप्रिय होते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक नेतृत्व की सराहना करते हुए विपक्ष और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है, लेकिन जिनकी सत्ता चली गई है, वे हताशा में अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एशिया से जो प्रजाति लुप्त हो गई थी, उसकी पुनर्स्थापना का सफल उदाहरण मध्य प्रदेश बन चुका है, जिससे राज्य का ईको-सिस्टम और टूरिज्म दोनों तेजी से विकसित हो रहे हैं।






