रायपुर: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। अब प्रशासन ने दूसरे चरण के तहत नो-मैपिंग (कैटेगरी-सी) प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस चरण में उन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनके दस्तावेज अधूरे पाए गए थे और जिनके नाम अस्थायी रूप से मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
1.33 लाख मतदाताओं को नोटिस देने की तैयारी
प्रशासन के अनुसार रायपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में कुल 1 लाख 33 हजार 53 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रतिदिन करीब 3 से 5 हजार नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब तक 36 हजार 422 मतदाताओं को नोटिस जारी किया जा चुका है।
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इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा और सबसे कम नोटिस
जारी आंकड़ों के अनुसार रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 46,675 मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, जबकि आरंग विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 8,896 नोटिस जारी हुए हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी प्रक्रिया तेज़ी से जारी है।
नोटिस मिलने पर हुआ नाम कटने का खुलासा
कई मतदाताओं का कहना है कि उन्हें पहले इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है। नोटिस मिलने के बाद ही उन्हें इसका पता चला। इसके बाद मतदाता अपने-अपने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
दस्तावेज देने के बावजूद नाम कटने के आरोप
कुछ मतदाताओं ने आरोप लगाए हैं कि उन्होंने SIR फॉर्म भरकर सभी आवश्यक दस्तावेज पहले ही जमा कर दिए थे, इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन के पास आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं।
आंगनबाड़ी और मितानिनों को सौंपी जिम्मेदारी
प्रशासन ने इस कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को भी शामिल किया है। वे ऐसे मतदाताओं से संपर्क कर रही हैं, जिनके आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज अधूरे हैं। दस्तावेज जमा होते ही उनके नाम नई मतदाता सूची में पुनः जोड़े जाएंगे।











