Thursday, September 17, 2026
Home Chhattisgarh छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक बड़ा झटका! 1.60 लाख शिक्षकों के 2018 से पहले...

छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक बड़ा झटका! 1.60 लाख शिक्षकों के 2018 से पहले की सेवा अमान्य, आदेश जारी

Chhattisgarh LB Teachers Order: छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक आदेश ने प्रदेश के करीब 1.60 लाख स्थानीय निकाय (एलबी) शिक्षकों की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2018 से पहले की सेवा अवधि को सरकारी सेवा के रूप में नहीं माना जाएगा। विभाग ने इस संबंध में जारी आवेदनों को अमान्य घोषित करते हुए अपनी स्थिति साफ कर दी है।

छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक आदेश के अनुसार जिन शिक्षकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन 1 जुलाई 2018 से हुआ था, उन्हें सरकारी सेवक का दर्जा भी उसी तारीख से प्रभावी माना जाएगा। इससे पहले पंचायत या नगरीय निकायों में की गई सेवा को सरकारी सेवा के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पेंशन और अन्य लाभों पर भी सरकार का स्पष्ट रुख
छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक आदेश में यह भी कहा गया है कि पेंशन, सेवा गणना और अन्य सभी शासकीय लाभों की गणना 1 जुलाई 2018 से ही होगी। प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि जोड़ने की मांग को विभाग ने स्वीकार नहीं किया है। इससे जुड़े सभी दावों को निरस्त कर दिया गया है।
Read more: CG News: आरक्षण पर विवादित पोस्ट भारी पड़ी! ‘जनमन’ के सलाहकार डॉ. अनिल द्विवेदी की छुट्टी, साय सरकार की बड़ी कार्रवाई

2011 में हुई थी बड़ी भर्ती
प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से वर्ष 2011 के आसपास बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। बाद में इन शिक्षकों का 1 जुलाई 2018 से स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया। अब छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक आदेश के बाद 2018 से पहले की लगभग आठ वर्ष की सेवा को सरकारी सेवा का लाभ नहीं मिलेगा।

पुराने संविलियन आदेश का दिया गया हवाला
स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में 30 जून 2018 को जारी संविलियन संबंधी निर्देशों की कंडिका 4 और 5 का उल्लेख किया है। विभाग का कहना है कि इन्हीं प्रावधानों के आधार पर सेवा लाभ, पेंशन और अन्य सुविधाएं केवल 1 जुलाई 2018 से प्रभावी रहेंगी।

लाखों शिक्षकों पर पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ एलबी शिक्षक आदेश का सीधा असर प्रदेश के करीब 1.60 लाख एलबी शिक्षकों पर पड़ेगा। लंबे समय से कई शिक्षक अपनी पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा गणना और पेंशन लाभ की मांग कर रहे थे। नए आदेश के बाद इन मांगों को फिलहाल स्वीकार नहीं किया गया है।

आगे क्या हो सकता है?
शिक्षकों के संगठनों की ओर से इस फैसले पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। यदि कर्मचारी संगठन इस आदेश का विरोध करते हैं तो मामला प्रशासनिक स्तर से आगे कानूनी प्रक्रिया तक भी पहुंच सकता है। फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान नियमों के अनुसार 1 जुलाई 2018 से पहले की सेवा अवधि को सरकारी सेवा का हिस्सा नहीं माना जाएगा।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here