Chhattisgarh junior doctors protest: रायपुर: रायपुर के पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में शुक्रवार को चिकित्सा समुदाय ने शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) रायपुर, JDA छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के संयुक्त तत्वावधान में बड़ी संख्या में इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट, सुपरस्पेशलिटी डॉक्टर और अन्य चिकित्सक शामिल हुए।
Chhattisgarh junior doctors protest: डॉक्टरों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की नीतियों के खिलाफ नाराजगी जताई। खासतौर पर दूसरे राज्यों से बिना पंजीयन आउटसोर्सिंग किए जाने के निर्णय का विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ के स्थानीय डॉक्टरों के रोजगार, अवसरों और भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा।
Chhattisgarh junior doctors protest: कैंडल मार्च के दौरान डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगें भी सामने रखीं। इनमें इंटर्न, पीजी, सीनियर रेजिडेंट और सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में तत्काल और सम्मानजनक वृद्धि की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा, राज्य के बाहर से मेडिकल प्रोफेशनल्स की आउटसोर्सिंग से जुड़े आदेश को तुरंत वापस लेने की अपील की गई। साथ ही मेडिकल, नर्सिंग, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से बिना पंजीयन प्रवेश पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई।
Chhattisgarh junior doctors protest: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र की गुणवत्ता, स्थानीय युवाओं के रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ बड़ा मुद्दा है। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे चिकित्सा समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है।
Chhattisgarh junior doctors protest: प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने “हमारा हक-हमारी आवाज-हमारा भविष्य” और “Save Local Doctors, Save Our Future” जैसे नारे लगाए और एकजुटता दिखाई।
Chhattisgarh junior doctors protest: JDA और CGDF के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पूरे चिकित्सक समुदाय के सम्मान और भविष्य की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चिकित्सकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकाला जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।









