Mayor Manjusha Bhagat Audio: अंबिकापुर में मैदान आवंटन पर भारी घूसखोरी का ऑडियो वायरल: भाजपा जिलाध्यक्ष और महापौर पर लगा बड़ी रकम मांगने का आरोप

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Mayor Manjusha Bhagat Audio: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय सियासत और नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। शहर के प्रतिष्ठित कला केंद्र मैदान के अलॉटमेंट (आवंटन) को लेकर चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खेल का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में सालों से वहां स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट बाजार लगाने वाले संचालक द्वारा आवंटन के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत के लेन-देन की बात कही जा रही है। ऑडियो वायरल होने के बाद मचे सियासी बवाल के बीच अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत रोते-बिलखते हुए सीधे अजाक (आदिवासी कल्याण) थाने पहुंचीं और उन्होंने अनुराग मिश्रा व अन्य के खिलाफ इस साजिश को लेकर एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित आवेदन सौंपा है।

‘एक लाख फेंके और तीन लाख की डिमांड की’; बाजार संचालक का कथित ऑडियो में दर्द

वायरल हो रहे कथित ऑडियो में स्वदेशी आर्ट एंड क्राफ्ट बाजार के संचालक अनुराग तिवारी और महापौर मंजूषा भगत के बीच बातचीत होना बताया जा रहा है। ऑडियो में तिवारी अपनी दी हुई रकम को वापस मांगते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने मैदान आवंटन के लिए भाजपा जिला अध्यक्ष को एक लाख रुपये दिए थे, लेकिन उन्होंने उस रकम को कम बताते हुए फेंक दिया और तीन लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की नई डिमांड रख दी। संचालक का कहना है कि वह महापौर और उनके स्टाफ को पहले ही मोटी रकम दे चुका है, ऐसे में भाजपा जिलाध्यक्ष की इस बड़ी मांग को पूरा करने में वह पूरी तरह असमर्थ है। इसलिए उसका दिया हुआ पैसा वापस कर दिया जाए ताकि वह बाजार समेट सके।

यह मेरी और मेरे परिवार की छवि धूमिल करने की साजिश: महापौर मंजूषा भगत

भावुक हुईं महापौर: इस पूरे घटनाक्रम और ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए महापौर मंजूषा भगत अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह निराधार, झूठा और फर्जी करार दिया। महापौर ने कहा, “यह विरोधी तत्वों द्वारा रची गई एक सोची-समझी गहरी साजिश है, जिसका मकसद मेरी और मेरे परिवार की सामाजिक छवि को नष्ट करना है। इस घटना से मेरा पूरा परिवार मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका है। यदि इस प्रताड़ना के कारण मुझे या मेरे परिवार को कुछ भी होता है, तो इसके लिए संबंधित शिकायतकर्ता और साजिशकर्ता सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।” उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच की गुहार लगाई है।

नेता प्रतिपक्ष ने खोला मोर्चा; निगम के सभी कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग

दूसरी ओर, इस वायरल ऑडियो को हथियार बनाकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ताधारी दल पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस ऑडियो से यह साफ प्रमाणित होता है कि अंबिकापुर नगर निगम के भीतर किस स्तर पर भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है और जनता की जमीनों की बंदरबांट हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नगर निगम के पिछले सारे आवंटनों और विकास कार्यों की एक स्वतंत्र एजेंसी से उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। जिले में हफ्तेभर पहले कोरिया में हुए जघन्य हत्याकांड के बाद इस नए विवाद ने भाजपा संगठन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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