Chhattisgarh Kisan Congress : रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के ‘वोट चोर गद्दी छोड़ो’ महा-अभियान को प्रदेश किसान कांग्रेस ने ऐतिहासिक सफलता के साथ निर्णायक मोड़ दिया है। सोमवार को रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में किसान कांग्रेस ने 1 लाख 1 हजार (1,01,000) फार्म एकत्र कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज को सौंपे। यह रिकॉर्ड संख्या प्रदेश के किसानों के मौजूदा सरकार के प्रति आक्रोश और कांग्रेस के प्रति उनके विश्वास का प्रतीक मानी जा रही है।
Chhattisgarh Kisan Congress : पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज बोले — “यह किसानों की दहाड़ है”
फार्म स्वीकार करते हुए श्री दीपक बैज ने किसान कांग्रेस की टीम की सराहना करते हुए कहा, – “यह केवल कागज़ नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसानों की दहाड़ है। किसान कांग्रेस ने सिद्ध किया है कि वह सबसे सक्रिय फ्रंटल संगठन है। एक लाख से अधिक फार्म जमा कर संगठन ने न केवल लक्ष्य को पार किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनावों में किसानों का मुद्दा कांग्रेस का ट्रम्प कार्ड बनेगा।”
उन्होंने प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा और प्रदेश प्रभारी सैयद अकील हुसैन के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संगठन की एकजुटता और जनसंपर्क की शक्ति का परिणाम है।
Chhattisgarh Kisan Congress : नेतृत्व ने दिखाया संगठनात्मक दम
किसान कांग्रेस अध्यक्ष श्री अभिषेक मिश्रा ने कहा कि यह आंकड़ा किसानों के आक्रोश को दर्शाता है।
“हमारे जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने मिशन मोड में काम किया। यह 1,01,000 फार्म मौजूदा सरकार के लिए स्पष्ट चेतावनी हैं कि किसानों की आवाज़ अब सड़क से लेकर विधानसभा तक गूंजेगी।”
Chhattisgarh Kisan Congress : प्रदेश प्रभारी श्री सैयद अकील हुसैन ने कहा,
“हमने समय सीमा के भीतर असंभव को संभव कर दिखाया है। यह अभियान राष्ट्रीय नेतृत्व तक यह संदेश पहुंचा चुका है कि छत्तीसगढ़ का किसान कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा है। जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस।”
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष जागेंद्र पांडे, महासचिव दीपक पांडे, राजेश पांडे, हरिशंकर बासवार और मुकेश देवांगन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
दुर्ग जिला अध्यक्ष पुकेश चंद्राकर और कवर्धा जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी को निर्धारित लक्ष्य से अधिक फार्म जमा करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि प्रदेश में कांग्रेस की वापसी तक किसानों का यह संघर्ष जारी रहेगा।











