Sunday, August 23, 2026
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MPPSC Paper Leak Bhopal : MPPSC परीक्षा में बड़ी लापरवाही; कमला नेहरू स्कूल में बांटे गए ‘सॉल्व्ड’ पेपर, अभ्यर्थियों ने लगाया पेपर लीक का आरोप

MPPSC Paper Leak Bhopal : भोपाल (01 मार्च 2026): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज आयोजित एमपीपीएससी (MPPSC) की परीक्षा विवादों के घेरे में आ गई है। शहर के कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर प्रबंधन की घोर लापरवाही और संदिग्ध कार्यप्रणाली सामने आई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें न केवल देरी से पेपर दिया गया, बल्कि जो प्रश्न पत्र बांटे गए वे पहले से ही खुले हुए और हल (Solved) किए हुए थे। इस घटना के बाद सेंटर से बाहर निकले सैकड़ों परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया और परीक्षा रद्द करने की मांग की।

खुला हुआ और ‘सॉल्व्ड’ पेपर मिलने से मची खलबली हंगामे की शुरुआत तब हुई जब कोमल नाम की एक परीक्षार्थी को आवंटित किया गया पेपर पहले से ही खुला हुआ मिला। चौंकाने वाली बात यह थी कि उस प्रश्न पत्र पर ‘चूड़ामणि’ नाम के किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज था और वह पूरी तरह से सॉल्व्ड था। छात्रा का दावा है कि प्रश्न पत्र के 50 में से लगभग 40 सवालों के उत्तर पहले से ही टिक किए हुए थे। यह स्थिति देखते ही कक्षा में मौजूद अन्य अभ्यर्थी भड़क गए और उन्होंने पेपर लीक होने की आशंका जताते हुए विरोध शुरू कर दिया।

डेढ़ घंटे की देरी और प्रशासनिक अव्यवस्था परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से उन्हें करीब 45 मिनट की देरी से प्रश्न पत्र दिया गया। गलत और खुले हुए पेपर बांटने की इस अव्यवस्था के कारण पूरी परीक्षा प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे की देरी से संचालित हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि पेपर पहले से ही हल किए हुए मिल रहे हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि सिस्टम में कहीं बड़ी सेंधमारी हुई है। परीक्षा केंद्र के बाहर जुटे छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसे मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।

जांच की मांग और आयोग की चुप्पी परीक्षा केंद्र पर मचे हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है; उनका कहना है कि इस केंद्र की परीक्षा को तुरंत निरस्त कर इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। फिलहाल, एमपीपीएससी आयोग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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