नई दिल्ली [Nishanebaaz News] RBI New Cheque Book Rules। भले ही भारत में यूपीआई (UPI) के जरिए रोजाना करोड़ों रुपये का डिजिटल लेनदेन 10 सेकंड के भीतर हो जाता है, लेकिन बड़ी रकम के सुरक्षित हस्तांतरण के लिए आज भी लोग चेक भुगतान पर भरोसा करते हैं। यदि आप भी बैंकिंग कार्यों में चेक का उपयोग करते हैं, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी यह नया अपडेट आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।
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31 दिसंबर 2026 के बाद रद्दी हो जाएंगी पुरानी चेकबुक
बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते फ्रॉड, चेक क्लोनिंग और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आरबीआई ने चेकबुक के फॉर्मेट में बदलाव करने का आदेश दिया है। पुराने साधारण चेक सिर्फ 31 दिसंबर 2026 तक ही मान्य रहेंगे। 1 जनवरी 2027 से बैंक सिर्फ नए अल्फा-न्यूमेरिक कोड (अक्षरों और अंकों का विशेष संयोजन) वाले चेक ही स्वीकार करेंगे।
कैसी दिखेगी नई सुरक्षित चेकबुक?
अबतक इस्तेमाल होने वाले चेक के निचले हिस्से पर चेक नंबर और एमआईसीआर (MICR) कोड सिर्फ अंकों (Numbers) में दर्ज होते थे। नए चेक में निम्नलिखित सुरक्षा अपग्रेड शामिल किए गए हैं:
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अल्फा-न्यूमेरिक कोड: चेक नंबर और MICR के साथ अक्षरों और अंकों से मिलकर बना एक यूनिक पहचान कोड होगा।
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अदृश्य UV स्याही & वॉटरमार्क: चेक पर विशेष वॉटरमार्क और अल्ट्रावायलट (UV) लाइट में चमकने वाली अदृश्य स्याही का प्रयोग होगा।
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माइक्रो-प्रिंटिंग: चेक पर बेहद सूक्ष्म प्रिंटिंग होगी, जिसे आम आंखों या साधारण फोटोकॉपी से कॉपी करना नामुमकिन है।
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पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) के साथ इंटीग्रेशन: यह नया सिस्टम रिजर्व बैंक के ‘पॉजिटिव पे सिस्टम’ के साथ सीधे लिंक होकर डिजिटल क्लीयरेंस (CTS) को रफ्तार देगा।
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₹50,000 या अधिक का भुगतान अटक सकता है
कई सरकारी और निजी बैंकों ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे साल का अंत होने से पहले ही शाखा से या नेट बैंकिंग के जरिए नई चेकबुक इश्यू करवा लें। यदि ग्राहक 1 जनवरी 2027 तक अपनी चेकबुक अपडेट नहीं करते हैं, तो पुरानी चेकबुक से किया जाने वाला ₹50,000 या उससे ज्यादा का भुगतान बैंक द्वारा निरस्त (Reject) किया जा सकता है।





